नई दिल्ली/कोलकाता, 6 अक्टूबर 2026 — केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत एक बेहद चौंकाने वाली कार्रवाई की है। सीबीआई की एंटी-करप्शन विंग ने दिल्ली में तैनात अपने ही एक कांस्टेबल जय कुमार सिंह और कोलकाता के व्यापारियों के एक निजी वकील सुजीत चक्रवर्ती को ₹6 लाख की रिश्वत लेते और देते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
यह गिरफ्तारी सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 की देर शाम दिल्ली के एक नामी मॉल में की गई, जहां घूस की रकम की लेन-देन चल रही थी।
🚨 क्या है पूरा मामला और घूस की वजह?
गिरफ्तार कांस्टेबल जय कुमार सिंह दिल्ली में सीबीआई की बैंक सुरक्षा और धोखाधड़ी शाखा (BS&FB) में तैनात था।
- झूठे केस की धमकी: कांस्टेबल जय कुमार सिंह और वकील सुजीत चक्रवर्ती ने मिलकर कोलकाता के दो व्यवसायियों (राम चंद्र डागा और उनके बेटे बसंत डागा) को निशाना बनाया। उन्होंने व्यापारियों को डराया कि सीबीआई के पास उनके खिलाफ धोखाधड़ी के बड़े सबूत हैं और वे उन्हें एक गंभीर आपराधिक मामले में फंसा देंगे।
- ₹20 लाख की भारी मांग: इस कथित मामले को रफा-दफा करने और सीबीआई जांच से बचाने के एवज में आरोपियों ने शुरुआत में ₹20 लाख की रिश्वत मांगी थी।
- ₹6 लाख में हुआ सौदा: काफी बातचीत और दबाव के बाद, सौदा ₹6 लाख की पहली किश्त पर तय हुआ, जिसे दिल्ली में डिलीवर किया जाना था।
🔍 सीबीआई ने अपने ही कर्मचारी को कैसे दबोचा? (द सीक्रेट ट्रैप)
व्यापारियों ने इस ब्लैकमेलिंग से तंग आकर सीधे सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया और लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही सीबीआई ने कानून के दायरे में रहकर एक गोपनीय जाल (Trap Case) बिछाया।
- मॉल में मुलाकात: योजना के मुताबिक, सोमवार शाम को दिल्ली के एक प्रसिद्ध शॉपिंग मॉल में रिश्वत की रकम सौंपने का समय तय हुआ।
- रंगे हाथों गिरफ्तारी: जैसे ही वकील सुजीत चक्रवर्ती ने व्यापारियों से पैसे लेकर सीबीआई कांस्टेबल जय कुमार सिंह को सौंपे, वहां सादे कपड़ों में पहले से तैनात सीबीआई की एंटी-करप्शन टीम ने दोनों को दबोच लिया। उनके पास से ₹6 लाख के कैमिकल युक्त नोट बरामद कर लिए गए।
🕵️♂️ छापेमारी में मिले अहम सबूत
गिरफ्तारी के तुरंत बाद, सीबीआई की टीमों ने दिल्ली और कोलकाता में आरोपियों के ठिकानों पर देर रात तक छापेमारी की:
- दिल्ली और कोलकाता में रेड: कांस्टेबल के दिल्ली स्थित आवास और वकील के कोलकाता स्थित कार्यालय व घर पर एक साथ तलाशी ली गई।
- बरामदगी: छापेमारी के दौरान संदिग्ध बैंक दस्तावेज़, डिजिटल लॉकर की चाबियां, कई मोबाइल फोन और कुछ संवेदनशील कागजात जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।
⚖️ अदालत की कार्रवाई और सख्त संदेश
सीबीआई ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आज दोनों को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जांच एजेंसी को आगे की पूछताछ के लिए आरोपियों की पुलिस कस्टडी मिल गई है।
सीबीआई के प्रवक्ता ने बयान जारी कर स्पष्ट किया:
“हमारी एजेंसी में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। चाहे कोई भी पद हो, अगर कोई कानून तोड़ता है, तो उसके खिलाफ सबसे सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”