पेशावर/डेरा इस्माइल खान, 6 अक्टूबर 2026 — उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के अशांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा (KP) में एक बार फिर बड़ा आतंकी हमला हुआ है। सूबे के डेरा इस्माइल खान (DI Khan) जिले में अज्ञात बंदूकधारियों ने घात लगाकर अंधाधुंध गोलीबारी की। इस कायराना हमले में फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (FBR) के दो कस्टम अधिकारियों और दो नागरिकों सहित कुल 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव है और सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की धरपकड़ के लिए एक व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
🚨 यूनिवर्सिटी रोड के पास घात लगाकर किया हमला
पुलिस और स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार सुबह डेरा इस्माइल खान के व्यस्त यूनिवर्सिटी रोड इलाके के पास हुई।
- कैसे हुआ हमला: फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (FBR) के कस्टम इंटेलिजेंस अधिकारी एक नियमित जांच/गश्त पर थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे आधुनिक हथियारों से लैस आतंकियों ने उनकी गाड़ी पर चारों तरफ से गोलियों की बौछार कर दी।
- निर्दोष नागरिक भी बने शिकार: आतंकियों की इस अंधाधुंध गोलीबारी की चपेट में आकर वहां से गुजर रहे दो स्थानीय नागरिक भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्होंने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।
- हमलावर फरार: वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर तंग गलियों और पहाड़ी रास्तों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
👥 हताहतों का विवरण
अस्पताल प्रशासन और पुलिस ने मृतकों की शिनाख्त की पुष्टि कर दी है:
- कुल मौतें: 5 लोग
- कस्टम इंटेलिजेंस अधिकारी: 2 (FBR के कर्मचारी)
- स्थानीय नागरिक: 2
- अन्य: 1 सुरक्षाकर्मी
📈 इलाके में बढ़ा सुरक्षा संकट और TTP का खौफ
इस हमले की तुरंत किसी भी आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों का शक तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) पर है।
- पिछले कुछ महीनों में खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में सरकारी कर्मचारियों, सुरक्षा बलों और चीनी नागरिकों को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमलों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है।
- यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों (इमरान खान के समर्थकों के लॉन्ग मार्च) के कारण पहले ही सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त है।
🏛️ सरकार और प्रशासन की सख्त प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और खैबर पख्तूनख्वा के कार्यवाहक मुख्यमंत्री ने इस आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया:
“देश की सेवा में अपनी जान गंवाने वाले कस्टम अधिकारियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। आतंकवाद के इस खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए हमारी सेना और सुरक्षा बल पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
स्थानीय प्रशासन ने डेरा इस्माइल खान और आसपास के सभी प्रवेश एवं निकास द्वारों (Checkpoints) पर नाकाबंदी कर दी है और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी जारी है।