कटनी (मध्य प्रदेश):
मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन के आउटर पर 16368 काशी तमिल संगम एक्सप्रेस में हुई सनसनीखेज डकैती के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कटनी के ही खिरहनी फाटक क्षेत्र के रहने वाले हैं। पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ में रेलवे क्षेत्र में हुई 30 से अधिक अन्य चोरियों और लूट की वारदातों के सुराग भी मिले हैं।
10 मिनट में वारदात को दिया था अंजाम
यह घटना तब हुई जब प्रयागराज से तमिलनाडु की ओर जा रही यह ट्रेन लमतरा फाटक के पास सिग्नल मिलने के इंतजार में आउटर पर खड़ी थी। आधी रात का फायदा उठाकर करीब 25 से 30 नकाबपोश बदमाशों ने ट्रेन पर धावा बोल दिया था। वे ट्रेन के S-1 कोच (स्लीपर बोगी) में दाखिल हुए और यात्रियों को चाकू दिखाकर डराना शुरू कर दिया। महज 10 मिनट के भीतर बदमाशों ने यात्रियों से सोने की चेन, अंगूठी, नकदी और मोबाइल फोन समेत करीब 86 हजार रुपये का सामान लूट लिया और फरार हो गए।
चार थानों की पुलिस और GRP-RPF का संयुक्त एक्शन
ट्रेन में हुई इस बड़ी लूट से रेलवे महकमे और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था। कटनी एसपी की मुस्तैदी के बाद चार थानों की पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। डीएसपी अभिनेष द्विवेदी के मुताबिक, पुलिस टीमों ने खिरहनी फाटक और भट्ठा मोहल्ला सहित कई संदिग्ध ठिकानों पर दबिश देकर इन 9 आरोपियों को दबोचने में सफलता हासिल की।
सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस बड़ी वारदात के बाद कटनी रेलवे स्टेशन और आसपास के आउटर क्षेत्रों में यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक:
- कर्मचारियों की भारी कमी: कटनी जीआरपी में स्वीकृत 91 पदों में से 44 पद खाली पड़े हैं, जिसके कारण प्रभावी गश्त प्रभावित हो रही है।
- बंद पड़े CCTV कैमरे: रेलवे स्टेशन के आउटर क्षेत्रों की निगरानी के लिए लगाए गए 16 कैमरों में से 13 मुख्य कैमरे बंद (खराब) पाए गए हैं, जिससे अपराधियों पर नजर रखना मुश्किल हो रहा था।
पुलिस फिलहाल गिरफ्तार किए गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के बाकी सदस्यों और लूटे गए पूरे माल को बरामद किया जा सके। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से आउटर पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और रात के समय गश्त बढ़ाने की मांग की है।