अंबिकापुर/चिरमिरी: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग और नवगठित मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के रेल यात्रियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और जनहित से जुड़ी मांग लगातार जोर पकड़ रही है. शहडोल (मध्य प्रदेश) से महाराष्ट्र के नागपुर तक चलने वाली शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 11201/11202) को चिरमिरी या अंबिकापुर रेलवे स्टेशन तक बढ़ाने (विस्तार करने) की मांग को लेकर स्थानीय निवासियों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है|
क्या है वर्तमान स्थिति और मांग?
वर्तमान में गाड़ी संख्या 11202 शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस रोज़ सुबह 05:00 बजे शहडोल से रवाना होकर उमरिया, कटनी, जबलपुर, सिवनी और छिंदवाड़ा होते हुए शाम 18:00 बजे नागपुर पहुंचती है.
चूंकि यह ट्रेन शहडोल में रात भर खड़ी रहती है (करीब 7 घंटे का लेओवर), नागरिकों और जनप्रतनिधियों का कहना है कि इसके रूट को आगे बढ़ाकर अंबिकापुर या चिरमिरी से शुरू और समाप्त किया जाना चाहिए.
सांसद व विधायकों ने लिखा पत्र: क्षेत्र की जनता की इस प्रमुख मांग को देखते हुए कोरबा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत और स्थानीय विधायकों ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इस ट्रेन के विस्तार की पुरजोर वकालत की है. सांसद ने इसे मनेंद्रगढ़/चिरमिरी तक, तो वहीं सरगुजा क्षेत्र के नेताओं ने इसे अंबिकापुर तक बढ़ाने का आग्रह किया है.
विस्तार से क्यों और कैसे होगा बड़ा फायदा?
अगर रेल मंत्रालय इस मांग को मंजूरी देता है, तो छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के लाखों यात्रियों को सीधे लाभ मिलेगा:
नागपुर के ‘मेडिकल हब’ तक सीधी और सस्ती पहुंच
नागपुर को मध्य भारत का सबसे बड़ा और विश्वसनीय ‘मेडिकल हब’ माना जाता है। यहाँ सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल, कैंसर संस्थान, दिल की बीमारियों के बड़े केंद्र और न्यूरोलॉजी के कई बड़े चिकित्सा संस्थान मौजूद हैं।
- वर्तमान परेशानी: वर्तमान में अंबिकापुर या चिरमिरी से किसी मरीज को नागपुर जाना हो, तो सीधे कोई ट्रेन नहीं है। उन्हें या तो बिलासपुर जाकर ट्रेन बदलनी पड़ती है या फिर निजी एम्बुलेंस/टैक्सी से लाखों रुपये खर्च कर सड़क मार्ग से जाना पड़ता है, जो गंभीर मरीजों के लिए बेहद कष्टदायक और थका देने वाला होता है।
- फायदा: ट्रेन का सीधा विस्तार होने से मरीज और उनके परिजन बेहद कम खर्च में, आरामदायक तरीके से सीधे नागपुर के अस्पतालों तक पहुंच सकेंगे।
नागपुर और दक्षिण भारत के लिए सीधी कनेक्टिविटी
सरगुजा संभाग (अंबिकापुर) और कोयलांचल क्षेत्र (चिरमिरी) से हर साल हजारों छात्र, गंभीर मरीज और व्यापारी इलाज, पढ़ाई व व्यवसाय के सिलसिले में नागपुर जाते हैं. वर्तमान में इस पूरे बेल्ट से नागपुर के लिए कोई सीधी दैनिक ट्रेन नहीं है. विस्तार होने से लोगों को नागपुर के माध्यम से महाराष्ट्र और दक्षिण भारत (South India) की अन्य ट्रेनों का सीधा कनेक्शन आसानी से मिल सकेगा.
कटनी-जबलपुर मार्ग की सीमित सुविधाओं से राहत
वर्तमान में अंबिकापुर रेलवे स्टेशन एक ‘डेड एंड’ की तरह है, जहां से जबलपुर के लिए केवल एक मात्र ट्रेन ‘अंबिकापुर-जबलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस’ चलती है. इस रूट पर यात्रियों का भारी दबाव रहता है. शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस के विस्तार से यात्रियों को जबलपुर और कटनी जाने के लिए एक शानदार दैनिक विकल्प मिल जाएगा.
दो राज्यों के बीच मजबूत होंगे संबंध
यह विस्तार छत्तीसगढ़ के सरगुजा, कोरिया, और मनेंद्रगढ़ जिलों को मध्य प्रदेश के अनूपपुर, शहडोल और जबलपुर से जोड़ते हुए सीधे महाराष्ट्र तक पहुंचाएगा. इससे अंतरराज्यीय व्यापार और पर्यटन को भी गति मिलेगी.
तकनीकी चुनौतियां और चिरमिरी-नागपुर रोड लिंक
रेलवे के जानकारों के अनुसार, वर्तमान समय सारिणी (Time Table) के हिसाब से ट्रेन को सीधे अंबिकापुर तक ले जाने के लिए इसके पूरे शेड्यूल में बड़ा बदलाव (Revamp) करना होगा. वहीं दूसरी ओर, बहुप्रतीक्षित चिरमिरी-नागपुर रोड हाल्ट रेल परियोजना का काम पूरा होने के बाद, चिरमिरी से चलने वाली ट्रेनों का अंबिकापुर तक विस्तार करना बेहद आसान हो जाएगा, जिससे पूरी आबादी एक बड़े रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगी.
क्या कहते हैं स्थानीय नागरिक?
सोशल मीडिया और क्षेत्रीय बैठकों में नागरिक लगातार मांग कर रहे हैं कि सरकार को बिलासपुर रेल मंडल (SECR) के तहत आने वाले इस पिछड़े क्षेत्र के विकास पर ध्यान देना चाहिए. लोगों का कहना है, “ट्रेन को शहडोल में खाली खड़ा रखने के बजाय यदि इसे अंबिकापुर या चिरमिरी से चलाया जाए, तो रेलवे का राजस्व भी बढ़ेगा और जनता को सालों पुरानी समस्या से मुक्ति मिलेगी।”