नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2026 — देश की विमानन नियामक संस्था नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई हुई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आज एक विशेष जाल बिछाकर DGCA के उप निदेशक (Deputy Director) सुशील कुमार गर्ग को ₹2.5 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में सीबीआई ने डिप्टी डायरेक्टर के साथ-साथ रिश्वत देने वाली एक निजी एविएशन ट्रेनिंग कंपनी के मालिक को भी सह-आरोपी बनाते हुए हिरासत में लिया है।
🛫 किस बात के लिए मांगी जा रही थी रिश्वत?
सीबीआई मुख्यालय द्वारा जारी शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला विमानों और पायलटों की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील निरीक्षण से संबंधित है:
- एयरवर्थिनेस ऑडिट (Airworthiness Audit): आरोपी डिप्टी डायरेक्टर सुशील कुमार गर्ग पर आरोप है कि वे एक निजी विमानन और ट्रेनिंग कंपनी के विमानों की फिटनेस और एयरवर्थिनेस ऑडिट रिपोर्ट को मंजूरी देने के बदले अवैध पैसों की मांग कर रहे थे।
- रिश्वत का ‘रेट कार्ड’: जांच में सामने आया है कि आरोपी अधिकारी ने कंपनी के प्रति विमान के निरीक्षण को बिना किसी अड़चन के पास करने के लिए ₹50,000 प्रति ऑडिट की रिश्वत तय की हुई थी।
- ₹2.5 लाख की डील: कंपनी के कई विमानों के ऑडिट को हरी झंडी दिखाने के एवज में कुल ₹2.5 लाख की घूस का सौदा तय हुआ था, जिसे आज दिल्ली स्थित उनके कार्यालय/ठिकाने पर डिलीवर किया जाना था।
🚨 सीबीआई का ‘सीक्रेट ट्रैप’ और रंगे हाथों गिरफ्तारी
निजी कंपनी के प्रतिनिधियों से शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की एंटी-करप्शन विंग ने कानून के तहत एक सीक्रेट ट्रैप (गोपनीय जाल) तैयार किया:
- केमिकल युक्त नोटों का इस्तेमाल: शिकायतकर्ता को सीबीआई की तरफ से विशेष केमिकल (Finolphthalein पाउडर) लगे हुए नोट दिए गए।
- रंगे हाथों दबोचा: जैसे ही निजी कंपनी के बिचौलिए ने दिल्ली में डिप्टी डायरेक्टर सुशील कुमार गर्ग को ₹2.5 लाख की घूस सौंपी, वहां सादे कपड़ों में तैनात सीबीआई की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।
- हाथ पड़ गए लाल: गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी अधिकारी के हाथ पानी और सोडियम कार्बोनेट के घोल से धुलवाए गए, तो केमिकल रिएक्शन के कारण उनके हाथ तुरंत गुलाबी (लाल) हो गए, जो रिश्वत लेने का सबसे पुख्ता वैज्ञानिक सबूत माना जाता है।
🏠 ठिकानों पर छापेमारी और नकदी बरामद
गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई की कई टीमों ने एक साथ दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सुशील कुमार गर्ग के सरकारी कार्यालय और निजी आवासों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है।
- देर शाम तक चली इस तलाशी के दौरान उनके घर से भारी मात्रा में बेहिसाब नकदी (Cash), कई बैंक खातों के दस्तावेज, निवेश की पर्चियां और संपत्तियों के कागजात बरामद किए गए हैं, जिनका मिलान उनकी वैध आय से किया जा रहा है।
⚖️ आगे की कानूनी कार्रवाई
सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी अधिकारी को कल दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा, जहां जांच एजेंसी उनकी कस्टोडियल रिमांड की मांग करेगी ताकि इस रैकेट में शामिल अन्य अधिकारियों और कंपनियों के नामों का खुलासा किया जा सके।