नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2026 — चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगातार बढ़ती आलोचनाओं के बीच मंगलवार को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग मुख्यालय (निर्वाचन सदन) के लिए प्रदर्शन मार्च निकाला। इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने SIR (विशेष तीव्र समीक्षा) के दौरान Form 6 में किए गए किसी भी संशोधन को मंजूरी नहीं दी है।
सुप्रीम कोर्ट का बयान
सोमवार, 5 अक्टूबर को CJI सूर्य कंत, न्यायाधीश जोयमाला बगची और न्यायाधीश वी. मोहना की तीन न्यायाधीशों की पीठ ने एक जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई करते हुए कहा:
“किसी भी संशोधित Form 6 को हमने मंजूरी नहीं दी है। यह बात स्पष्ट हो। जब रिकॉर्ड पेश किए जाएंगे, तो हम देखना चाहेंगे कि किसने संशोधन किया।”
मुख्य बिंदु:
- कोर्ट ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को एक सप्ताह में जवाब देने का नोटिस जारी किया
- CEC ज्ञानेश कुमार के अंतरिम निलंबन की मांग पर अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया
- याचिकाकर्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि CEC ने अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच 14 निर्णय एकतरफा लिए, बिना अन्य दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की सहमति के
Form 6 में क्या बदलाव हुआ?
Form 6 वह फॉर्म है जिसे नए मतदाग्राहक अपने नाम को मतदाता सूची में शामिल करवाने के लिए भरते हैं। SIR अभियान के दौरान इस फॉर्म में एक अतिरिक्त घोषणापत्र जोड़ा गया, जिसमें नए मतदाग्राहकों से मांगा गया कि वे पुष्टि करें कि उनका नाम या उनके पिता/दादा का नाम पिछली SIR के दौरान मतदाता सूची में दर्ज था।
विवाद का मूल:
- चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को प्रेस नोट जारी कर दावा किया था कि “SIR से जुड़ा Form 6 का अतिरिक्त Declaration सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कयम रखा गया था”
- लेकिन सच यह है कि मई 2026 के बिहार SIR फैसले में कोर्ट के पास इस नए संशोधित Form 6 की जांच करने का मौका ही नहीं था, क्योंकि इसे फैसले के बाद पेश किया गया था
- 23 सितंबर को दोनों चुनाव आयुक्तों (संधू और जोशी) ने इन बदलावों पर आक्षेप जताया
- 30 सितंबर को चुनाव आयोग ने उन राज्यों में जहां SIR पूरा हो चुका है, Form 6 से यह अतिरिक्त घोषणापत्र हटा दिया
INDIA ब्लॉक का मार्च: 6 अक्टूबर
मार्च का विवरण:
| विवरण | जानकारी |
| स्थान | संसद (मकर द्वार) से निर्वाचन सदन तक |
| समय | सुबह 10:30-11:00 बजे |
| मुख्य नेता | राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, इमरान मसूद, अभिषेक बनर्जी, मल्लिकार्जुन खरगे |
| सुरक्षा | लगभग 4,000 सुरक्षा कर्मी तैनात, बैरिकेड लगाए गए, RAF (रापिड एक्शन फोर्स) तैनाती |
| ट्रैफिक | कनाट प्लेस, पटेल चौक, संसद स्ट्रीट पर ट्रैफिक नियंत्रण |
मार्च के दौरान:
- सांसदों ने “Gyanesh, it’s done bro”, “BJP है, CEC है”, “Vote chor, gaddi chhor” जैसे नारे लगाए
- CEC ज्ञानेश कुमार के RSS वर्दी में कटआउट लाए गए
- राहुल गांधी ने बैरिकेड पर चढ़कर राष्ट्रीय ध्वज लहराया
- मार्च NITI आयोग के पास अकाशवाणी भवन के सामने रोका गया
- राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया
- SP सांसदों ने NITI आयोग के पास पुलिस बैरिकेड पार कर लिया
- गिरफ्तारी के बाद INDIA ब्लॉक सांसदों ने बैठक प्रदर्शन किया
विपक्ष और BJP की प्रतिक्रिया
विपक्ष (INDIA ब्लॉक):
- राहुल गांधी: “अब बिना किसी संदेह के साबित हो गया है कि ज्ञानेश कुमार ने Form 6 को कानून विरुद्ध और एकतरफा बदला”
- कल्याण बनर्जी: “सभी जानते हैं कि वे ‘वोट चोरी’ से सत्ता में आए”
- मनोज झा (RJD): “यह गणतंत्र का हत्या है”
- कांग्रेस ने सप्ताह भर के प्रदर्शन (26 सितंबर से 2 अक्टूबर) का आयोजन किया था
BJP:
- विपक्ष के आरोपों का इनकार किया
- राहुल गांधी के बयानों को “झूठों से भरा” कहा
- चुनाव आयोग का समर्थन किया
पूर्व CCI ओपी रावत:
- SIR प्रक्रिया ने मतदाताओं में डर की भावना पैदा की है, जो लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है
- SIR पूरी होने पर कुल 15 करोड़ नाम हटाए जा सकते हैं
न्यायमूर्ति मदन लोकर (पूर्व SC न्यायाधीश):
- “अवशेष शक्तियों का अर्थ यह नहीं है कि आप जो चाहें करें” — EC की “residual powers” पर सवाल उठाया
वीडियो/संदेश: राहुल गांधी का लाइव स्ट्रीम
राहुल गांधी ने X (ट्विटर) पर मार्च का लाइव स्ट्रीम किया और लिखा:
“यह अब बिना किसी संदेह के साबित हो गया है कि ज्ञानेश कुमार ने Form 6 को कानून विरुद्ध और एकतरफा बदला।”
आगे क्या?
- सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से रिकॉर्ड पेश करने को कहा है
- ECI और केंद्र को एक सप्ताह में जवाब देना होगा
- INDIA ब्लॉक ने राष्ट्रपति से मुलाकात करने का भी कार्यक्रम बनाया है
- AAP ने इस मार्च से दूरी बनाए रखी है