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स्टॉकहोम, 5 अक्टूबर 2026 — स्वीडन के केरोलिंस्का संस्थान (Karolinska Institutet) की नोबेल समिति ने सोमवार को 2026 का नोबेल पुरस्कार (भौतिकी या चिकित्सा) घोषित किया। यह पुरस्कार कार्ल डेइसरॉथ (अमेरिका), पेटर हेगेमान (जर्मनी) और गॉर्ग नागेल (जर्मनी) को “प्रकाश-निर्भर आयन चैनल और ऑप्टोजेनेटिक्स से संबंधित खोजों” के लिए संयुक्त रूप से दिया गया।

ऑप्टोजेनेटिक्स क्या है?

ऑप्टोजेनेटिक्स एक ऐसी तकनीक है जो प्रकाश की मदद से जीवित मस्तिष्क में तंत्रिका कोशिकाओं (न्यूरॉन्स) की गतिविधि को चालू या बंद कर सकती है। इससे मस्तिष्क के अदृश्य सर्किट्स का अध्ययन संभव हुआ है।

यह कैसे काम करता है:

  1. हेगेमैन और नागेल ने एक एक-कोशिकीय शैवाल (Chlamydomonas) में चैनलरोडोपसिन नामक एक प्रकाश-संवेदी प्रोटीन की खोज की।
  2. जब इस प्रोटीन पर नीला प्रकाश पड़ता है, तो यह एक चैनल खोल देता है जिससे आयनों का प्रवाह होता है — यानी एक विद्युत संकेत बनता है।
  3. डेइसरॉथ ने इस प्रोटीन के जीन को चूहों की तंत्रिका कोशिकाओं में डाला और दिखाया कि नीले प्रकाश से उन कोशिकाओं को सक्रिय किया जा सकता है।

यह खोज क्यों महत्वपूर्ण है?

  • न्यूरोसाइंस अब केवल सहसंबंध देखने से आगे बढ़कर कारण-प्रभाव का परीक्षण कर सकती है — कि कौन-से न्यूरॉन्स या सर्किट्स याददाश्त, भावनाओं और व्यवहार से जुड़े हैं।
  • अनुसंधानकर्ता इस तकनीक का उपयोग गंभीर दृष्टि दोष में दृष्टि पुनर्स्थापना के लिए भी कर रहे हैं।
  • न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, यह उपकरण भविष्य में अंधापन के उपचार तक ले जा सकता है।
  • कोकलीयर इम्प्लांट्स की सटीकता बढ़ाने के लिए भी इसका अध्ययन हो रहा है। 

विजेताओं की प्रतिक्रिया

कार्ल डेइसरॉथ रात में एक शोध पत्र पर काम कर रहे थे और सोने के लिए लेट चुके थे कि स्टॉकहोम से फोन आया। उन्होंने कहा:

“यह अविश्वसनीय सम्मान है।”


नोबेल समिति के शब्दों में

“यह विधि अब दुनिया भर के प्रयोगशालाओं में उपयोग हो रही है, जो मस्तिष्क के रहस्यों का खुलासा कर रही है।”
— थॉमस पर्लमैन, नोबेल समिति के सचिव-सामान्य


अन्य नोबेल पुरस्कार की तारीखें

तारीखश्रेणी
6 अक्टूबर (आज)भौतिकी
7 अक्टूबररसायन विज्ञान
8 अक्टूबरसाहित्य
9 अक्टूबरशांति
12 अक्टूबरअर्थशास्त्र

By Admin

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