
अनूपपुर – कोतवाली अनूपपुर पुलिस ने अत्याधुनिक तकनीक और कुशल जांच के बल पर अंतरराज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सोने-चांदी के आभूषण, मोबाइल फोन, नगदी, और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित कुल 2.5 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की। इस सफलता में पुलिस टीम के नेतृत्व और सीसीटीवी कैमरों की मदद से मिली अहम सुराग की विशेष भूमिका रही।
वार्ड नंबर 04 पटौराटोला अनूपपुर निवासी श्री प्रकाश पांडे (46) ने 19-20 जनवरी 2024 की रात अपने घर में हुई चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवार की गैरमौजूदगी में अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़कर लोहे की अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर, चार मोबाइल फोन और नगदी चुरा ली थी। इस पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 26/25 धारा 331(4), 305(A) के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच और कार्रवाई का संचालन
पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इसरार मंसूरी और एसडीओपी सुमित केरकेट्टा के नेतृत्व में कोतवाली थाना प्रभारी अरविंद जैन ने एक विशेष टीम बनाई। इस टीम में सहायक उप निरीक्षक सुरेंद्र प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक शेख रशीद और महेंद्र सिंह, आरक्षक प्रकाश तिवारी और महिला आरक्षक आकांक्षा मिश्रा शामिल थे।
टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट, डॉग स्क्वॉड, और साइबर सेल के साथ-साथ आसपास के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। इन साक्ष्यों ने जांच को निर्णायक दिशा दी।
आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस टीम ने छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ से दो आरोपियों राजेश्वर पांडे (21) और सन्नी दुबे (23) को गिरफ्तार किया। इनके पास से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण (अंगूठी, चेन, कान के टॉप्स, पायल, बिछिया, चांदी के सिक्के), चार मोबाइल फोन, नगदी, और वारदात में उपयोग की गई बजाज पल्सर मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन नंबर CG 29 AG 5736) बरामद की गई। इसके अलावा, ताला तोड़ने में प्रयुक्त औजार – लोहे की रॉड, पेचकस और प्लास भी जब्त किए गए।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। इन्होंने छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में एक मंदिर में चोरी की थी, जिसमें मंदिर के छत्र और पूजन सामग्री के बर्तन चुराए गए थे।
पुलिस की तत्परता पर नागरिकों की प्रशंसा
प्रकाश पांडे ने अनूपपुर पुलिस की त्वरित और कुशल कार्यवाही के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “पुलिस की सक्रियता और तकनीकी दक्षता से न केवल हमारा चोरी हुआ सामान वापस मिला, बल्कि अपराधियों को भी जल्द ही पकड़ लिया गया।”
टीमवर्क और तकनीक का सफल समन्वय
पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने बताया कि इस सफलता का श्रेय पूरी टीम के समर्पण और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग को जाता है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इसरार मंसूरी और एसडीओपी सुमित केरकेट्टा के निर्देशन में यह पूरी कार्रवाई हुई।
अपराध कितना भी संगठित क्यों न हो, कानून और उसकी ‘तीसरी आंख’ (सीसीटीवी कैमरे) से बच पाना असंभव है। अनूपपुर पुलिस की यह कार्रवाई समाज में कानून और व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक अपेक्षित कदम है।



Leave a Reply