

अधिकारियों की मौजूदगी में सघन निगरानी
अनूपपुर। अनूपपुर वन मंडल में हाथियों की सक्रियता के बीच वन विभाग पूरी तत्परता के साथ मैदान में डटा हुआ है। क्षेत्र के नागरिकों की सुरक्षा और हाथियों के सुरक्षित विचरण को सुनिश्चित करने के लिए 30 अप्रैल की शाम से 1 मई की सुबह तक एक विशेष रात्रिकालीन गश्ती अभियान का संचालन किया गया। इस दौरान वन मंडलाधिकारी डेविड चेन्नाप और उप वन मंडलाधिकारी प्रीतेश पखाले ने संवेदनशील अनूपपुर और जैतहरी वन परिक्षेत्रों में जाकर गश्ती दलों का नेतृत्व किया। अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को जागरूक करना और मैदानी स्टाफ के आत्मविश्वास को बढ़ाना था।
तकनीकी साधनों का प्रभावी उपयोग
सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न परिक्षेत्रों के अधिकारियों ने आपसी समन्वय के साथ काम किया। जैतहरी के विवेक मिश्रा, राजेन्द्रग्राम के शिवम् कोश्ती, कोतमा के हरीश तिवारी और अमरकंटक के वीरेंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में दलों ने सघन गश्त की। इस अभियान में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए नाइट विज़न इन्फ्रारेड ड्रोन के माध्यम से हाथियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी गई। इससे हाथियों की सटीक लोकेशन और आवाजाही की जानकारी तुरंत मिल सकी, जिससे संभावित खतरों को टाला जा सका।
ग्रामीणों से सीधा संवाद और मुआवजा आश्वासन
वन विभाग ने संवेदनशील गाँवों में जाकर स्थानीय लोगों को हाथियों की मौजूदगी और आवश्यक सावधानियों के बारे में सरल भाषा में जागरूक किया। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मिलकर मुआवजा दावों का त्वरित निपटान करने का आश्वासन दिया ताकि उन्हें जल्द राहत मिल सके। इसके अलावा, बचाव के तरीकों को समझाने के लिए ऑडियो संदेश और पोस्टर भी वितरित किए गए। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे रात के समय घरों से बाहर निकलने से बचें और समूह में रहें। मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।


Leave a Reply