
जबलपुर। गुरुवार शाम को बरगी बांध में एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हुआ। अचानक आए तेज तूफान और आंधी के कारण पर्यटकों से भरा एक क्रूज असंतुलित होकर पानी में डूब गया। इस दुर्घटना में 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनके शव बरामद कर लिए गए हैं। वहीं 18 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। हादसे के बाद से 15 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।
आंधी और तूफान के कारण हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसे के समय क्रूज पर 40 से 45 लोग सवार थे। अचानक मौसम ने करवट ली और 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने लगीं। तेज हवाओं के झोंकों के बीच क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में पलट गया। इस दौरान क्रूज में सवार अधिकतर लोगों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। क्रूज के कैप्टन महेश पटेल ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी, जिसके कारण उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया। इसके अलावा 15 लोग तैरकर खुद ही बाहर आने में सफल रहे। एक परिवार जो ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया से जुड़ा हुआ था, वह भी इस क्रूज पर सवार था और उसके एक सदस्य का शव भी बरामद किया गया है।
-राहत और बचाव कार्य में आ रही चुनौतियां
दुर्घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपदा मोचन बल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बचाव दल द्वारा बड़ी टॉर्च की रोशनी में रात के अंधेरे में भी लोगों को ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के डीन के अनुसार बरगी से दो शवों को एंबुलेंस के जरिए मेडिकल कॉलेज लाया गया है, जिनका पोस्टमार्टम शुक्रवार सुबह किया जाएगा। मृतकों की पहचान और उनके पते की जानकारी जुटाई जा रही है। रात का समय और खराब मौसम बचाव कार्य में सबसे बड़ी बाधा बन रहे हैं, लेकिन प्रशासन की टीम लगातार घाट पर गश्त कर रही है ताकि पानी की लहरों के सहारे अगर कोई किनारे तक आए तो उसे तुरंत मदद मिल सके।
-घायलों और पीड़ितों के लिए मदद
राज्य सरकार ने इस पूरी घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने घटना के बाद तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों और मंत्रियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। लोक निर्माण मंत्री और पर्यटन मंत्री समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी दुर्घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के साथ खड़े रहने और हर संभव सरकारी मदद प्रदान करने का आश्वासन दिया है। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर मौजूद हैं और बचाव कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं।
- सुरक्षा पर उठे गम्भीर सवाल
इस घटना ने पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक दलों की ओर से भी इस मामले पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की खामी करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं है, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी का परिणाम है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जवाबदेही तय करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ घंटों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे बचाव कार्यों में और अधिक सतर्कता बरती जा रही है।


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