इंफाल/नई दिल्ली: मणिपुर के पहाड़ी जिलों में पिछले 24 घंटों में अचानक भड़की ताजा हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। यह हिंसक दौर मुख्य रूप से राज्य के तीन सीमावर्ती जिलों—कामजोंग, उखरुल और कांगपोकपी में देखने को मिला है। सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के बावजूद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
ताजा हिंसा का मुख्य कारण और घटनाक्रम
सुरक्षा प्रतिष्ठानों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नए हिंसक चक्र की शुरुआत शुक्रवार (9 अक्टूबर 2026) रात को हुई:
- महिला की हत्या से भड़की चिंगारी: कामजोंग जिले के चास्साद (Chasad) गांव में एक 22 वर्षीय कुकी महिला की अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद कुकी और नगा समुदाय के सशस्त्र समूहों के बीच आमने-सामने की भीषण गोलीबारी शुरू हो गई।
- जिलों में फैला संघर्ष: कामजोंग में शुरू हुई यह हिंसा तेजी से पड़ोसी जिलों उखरुल और कांगपोकपी तक फैल गई। उखरुल के चेपु याओलेन गांव के पास शनिवार को अपनी कार चला रहे 40 वर्षीय गोरखा किसान (संदीप राय) की संदिग्ध उग्रवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके अलावा कांगपोकपी के माकुई असहांग और तातपोन इलाकों में भी भारी गोलीबारी दर्ज की गई।
- भारी आगजनी: उपद्रवियों ने विभिन्न गांवों में कम से कम 14 घरों और कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया। कांगपोकपी के कैलेनजंग गांव में भी कुकी निवासियों के घरों को निशाना बनाया गया।
मृतकों और नुकसान का विवरण
अधिकारियों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, मरने वाले 9 लोगों में:
- 6 नगा समुदाय के नागरिक
- 2 कुकी समुदाय के नागरिक
- 1 गोरखा समुदाय का किसान
इसके अलावा, भारत-म्यांमार सीमा पर सक्रिय कुछ म्यांमार मूल के चरमपंथी समूहों (जैसे KNA-Burma) के भी इस हमले में शामिल होने की आशंका जताई जा रही है, जो नगा बहुल सीमावर्ती गांवों को निशाना बना रहे थे।
सरकार और प्रशासन के कड़े कदम
- सुरक्षा बलों की तैनाती: हिंसा प्रभावित इलाकों में सेना, असम राइफल्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की अतिरिक्त टुकड़ियों को भेजा गया है। सीमावर्ती इलाकों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
- प्रतिबंधात्मक आदेश (निषेधाज्ञा): किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए गांवों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 162 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी गई है।
- बंद का असर: ‘कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी’ (CoTU) द्वारा कांगपोकपी में बुलाए गए 24 घंटे के बंद के कारण दुकानें बंद रहीं और वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई।
- राजनीतिक बैठक: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राज्य में शांति बहाली के उपायों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है।