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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली।
घरेलू शेयर बाजार में आज हाहाकार मच गया। मजबूत शुरुआत की उम्मीदों के विपरीत बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली की ऐसी आंधी चली कि दोनों प्रमुख सूचकांक ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। कारोबार के दौरान बिकवाली का दबाव इतना भयंकर था कि बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) करीब 900 अंक से अधिक टूट गया, वहीं एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) भी 315 अंकों से ज्यादा का गोता लगाते हुए 22,300 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया।

बाजार की इस ऐतिहासिक गिरावट से सिर्फ कुछ ही घंटों के भीतर देश भर के निवेशकों के लगभग ₹8.5 लाख करोड़ स्वाहा हो गए। आइए जानते हैं आर्थिक और वित्तीय मीडिया हाउसों की शैली में इस बड़ी बाजार दुर्घटना की पूरी विस्तृत रिपोर्ट

बाजार बंद होने के समय के ताजा आंकड़े

  • BSE Sensex: दोपहर के सत्र में सेंसेक्स 873.82 अंक (1.20%) गिरकर 71,764.88 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जो पिछले सत्र में 72,638.70 पर था।
  • NSE Nifty 50: निफ्टी भी कदम से कदम मिलाकर 310.85 अंक (1.38%) बिखरकर 22,371.70 के स्तर पर पहुंच गया।
  • मिडकैप और स्मॉलकैप में बड़ी मार: सबसे बुरी मार मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स पर पड़ी, जहाँ निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में 2% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई।

बाजार क्रैश होने की 4 बड़ी मुख्य वजहें (Market Crash Reasons)

आजतक की लाइव रिपोर्ट और वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, आज बाजार में मची तबाही के पीछे मुख्य रूप से निम्नलिखित कारक जिम्मेदार रहे:

  1. RBI का सख्त रुख और रेपो रेट में बढ़ोतरी: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा अपनी हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को बढ़ाकर 5.5% करने और आगे भी सख्त रुख (Hawkish Policy) बनाए रखने की घोषणा से बाजार की धारणा बेहद कमजोर हो गई, क्योंकि इससे लोन महंगे होने का डर बढ़ गया है।
  2. विदेशी निवेशकों (FIIs) की ताबड़तोड़ बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय शेयर बाजार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं। पिछले कुछ सत्रों से जारी यह ‘रिडेम्पशन प्रेशर’ आज अपने चरम पर दिखा, जहां विदेशी फंडों ने हर स्तर पर चौतरफा बिकवाली की।
  3. कच्चे तेल (Brent Crude) में अचानक उछाल: वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में 2% से अधिक की तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड का बढ़ना भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए राजकोषीय घाटे और महंगाई की चिंता को बढ़ाता है, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ा।
  4. अदाणी ग्रुप और मेटल सेक्टर में बड़ी गिरावट: आज के कारोबार में सबसे ज्यादा नुकसान मेटल और रियल्टी सेक्टर को उठाना पड़ा। विशेष रूप से दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, अदाणी ग्रीन (Adani Green) और अदाणी पावर (Adani Power) के शेयर 9% से 10% तक टूट गए, जिसने पूरे बाजार के सेंटिमेंट को हिलाकर रख दिया।

कौन से शेयर डूबे और किन्होंने संभाली कमान?

  • टॉप लूजर्स (सबसे ज्यादा गिरने वाले): अदाणी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, मैक्स हेल्थकेयर, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और श्रीराम फाइनेंस के शेयरों में आज सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली।
  • टॉप गेनर्स (मुनाफा कमाने वाले): बाजार की इस भीषण आंधी के बीच केवल आईटी (IT) सेक्टर की कुछ दिग्गज कंपनियों ने थोड़ी राहत दी। टीसीएस (TCS), एचसीएल टेक (HCL Tech) और टेक महिंद्रा के शेयर मामूली बढ़त के साथ हरे निशान पर टिके रहे।

निवेशकों के लिए एक्सपर्ट्स की सलाह

बाजार के जानकारों का कहना है कि यह गिरावट वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू नीतिगत बदलावों का मिलाजुला असर है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, खुदरा निवेशकों को इस भारी गिरावट के दौर में घबराकर (Panic Selling) अपने अच्छे शेयर बेचने से बचना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह बाजार में धीरे-धीरे (SIP के माध्यम से) क्वालिटी शेयर्स को निचले स्तरों पर जमा करने का एक बेहतरीन मौका हो सकता है।

By Admin

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