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नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था ने पिछले एक दशक में दुनिया को चौंकाते हुए अभूतपूर्व प्रगति की है। साल 2013-14 के आस-पास जब भारतीय अर्थव्यवस्था को दुनिया की सबसे कमजोर और डगमगाती हुई पांच अर्थव्यवस्थाओं यानी ‘फ्रेजाइल फाइव’ (Fragile Five) की सूची में गिना जाता था, आज वही भारत ब्रिटेन और फ्रांस जैसी ताकतों को पीछे छोड़कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (5th Largest Economy) बन चुका है।

📉 60 साल बनाम 12 साल: विकास की अद्भुत रफ्तार

आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि भारत की विकास यात्रा में नीतिगत निर्णयों ने कितना बड़ा बदलाव लाया है:

  • पहला $1 ट्रिलियन (1947 से 2007): देश को अपनी आजादी के बाद पहली बार 1 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी का आंकड़ा छूने में करीब 60 साल (6 दशक) का लंबा समय लग गया था।
  • अगला $2+ ट्रिलियन (2014 से 2026): इसके विपरीत, साल 2014 के बाद देश में लागू हुए बड़े ढांचागत सुधारों, डिजिटल क्रांति और मजबूत वित्तीय प्रबंधन के कारण पिछले महज 12 वर्षों में भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था में $2 ट्रिलियन से अधिक की भारी वेल्थ जोड़ी है। वर्तमान में भारत की जीडीपी तेजी से $4 ट्रिलियन के आंकड़े की ओर बढ़ रही है।

⚙️ इस ऐतिहासिक बदलाव के 4 मुख्य स्तंभ (Key Drivers)

आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, भारत को कमजोर से मजबूत बनाने में इन चार बड़े सुधारों ने मुख्य भूमिका निभाई:

  1. डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI): भारत का स्वदेशी डिजिटल पेमेंट सिस्टम यानी UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) आज वैश्विक स्तर पर एक मिसाल बन चुका है। इसने देश के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा की बैंकिंग से जोड़ा है।
  2. टैक्स और बैंकिंग सुधार: GST (वस्तु एवं सेवा कर) के लागू होने से पूरा देश एक साझा बाजार बना, जिससे टैक्स चोरी रुकी। इसके साथ ही बैंकिंग सेक्टर के एनपीए (NPA) को दुरुस्त कर बैंकों को दोबारा मजबूत बनाया गया।
  3. मेक इन इंडिया और पीएलआई (PLI) स्कीम्स: देश को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए शुरू की गई उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं के कारण आज भारत मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिफेंस (रक्षा क्षेत्र) में रिकॉर्ड एक्सपोर्ट कर रहा है।
  4. गरीबी उन्मूलन में ऐतिहासिक सफलता: संयुक्त राष्ट्र (UN) के मानकों के अनुसार, इसी मजबूत आर्थिक विकास के चलते पिछले एक दशक में भारत ने करीब 25 से 30 करोड़ नागरिकों को बहुआयामी गरीबी रेखा से बाहर निकालने में सफलता पाई है, जो मानव इतिहास के सबसे बड़े सुधारों में से एक है।

🔮 अगला लक्ष्य: ‘विकसित भारत 2047’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि को देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामर्थ्य की जीत बताया है। सरकार का अगला लक्ष्य भारत को आगामी कुछ ही वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना और देश की आजादी के 100वें वर्ष यानी साल 2047 तक भारत को एक पूर्ण रूप से विकसित राष्ट्र (Developed Nation) की श्रेणी में खड़ा करना है।

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