लुधियाना (पंजाब)। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (VB) ने राज्य में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत लुधियाना जिले के लोहारा पटवारखाने में बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस की टीम ने जाल (Trap) बिछाकर आरोपी पटवारी अंकुर कटारिया और उसके बिचौलिए/एजेंट राजा को ₹4,000 की अवैध रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
📌 लोन के लिए चाहिए था 30 साल का रिकॉर्ड
विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई लुधियाना के न्यू राम नगर (लोहारा) की रहने वाली एक महिला शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायतकर्ता महिला को बैंक से लोन (ऋण) लेने के लिए अपने मकान का 30 साल पुराना राजस्व मालिकाना रिकॉर्ड चाहिए था। जब वह इस सिलसिले में पटवारी अंकुर कटारिया से मिली, तो पटवारी ने उसे सीधे अपने एजेंट राजा से बात करने और तालमेल बिठाने को कहा।
💰 ₹5,000 में तय हुआ था सौदा, ₹1,000 पहले ही लिए
शिकायत के मुताबिक, एजेंट राजा ने महिला से मकान का रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने के बदले ₹5,000 की अवैध रिश्वत की मांग की। आरोपियों ने पहली किस्त के तौर पर ₹1,000 मौके पर ही ले लिए और बाकी के ₹4,000 रिकॉर्ड सौंपने के समय (डिलीवरी टाइम) पर देने की बात तय की थी।
👮 विजिलेंस का सरकारी गवाहों वाला ‘एंटी-करप्शन ट्रैप’
चूंकि शिकायतकर्ता महिला यह रिश्वत नहीं देना चाहती थी, इसलिए उसने तुरंत विजिलेंस ब्यूरो रेंज लुधियाना से संपर्क किया और भ्रष्टाचार की लिखित शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत की पुष्टि करने के बाद विजिलेंस की टीम ने एक गुप्त रणनीति बनाई।
योजना के तहत, जैसे ही महिला बची हुई ₹4,000 की घूस राशि देने पहुँची, पहले से ही मुस्तैद दो सरकारी गवाहों (Official Witnesses) की मौजूदगी में विजिलेंस टीम ने धावा बोलकर पटवारी अंकुर कटारिया और उसके एजेंट राजा को नोटों के साथ रंगे हाथों दबोच लिया।
⚖️ आगे की कार्रवाई
विजिलेंस ब्यूरो के थाना लुधियाना में दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की प्रासंगिक धाराओं के तहत आपराधिक मामला (FIR) दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को कल सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा और इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या इस रिश्वत नेटवर्क में विभाग के कुछ अन्य अधिकारी भी शामिल हैं।