Preloader

भोपाल/रायसेन/ग्वालियर:
मध्य प्रदेश के धान उत्पादक किसानों के लिए एक बहुत ही शानदार और बड़ी खबर सामने आ रही है। खाड़ी देशों (Gulf Countries) से भारतीय बासमती चावल की भारी और ताबड़तोड़ डिमांड आने के कारण प्रदेश की कृषि मंडियों में 1509 और सुगंधा बासमती धान की कीमतों में ऐतिहासिक तेजी देखी जा रही है। चालू खरीफ सीजन की नई आवक शुरू होते ही मंडियों में व्यापारियों और बड़े एक्सपोर्टर्स के बीच धान खरीदने की होड़ मच गई है, जिससे भाव आसमान छू रहे हैं।

हफ्ते भर में ₹400 से ₹500 प्रति क्विंटल तक उछले दाम

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले महज एक सप्ताह के भीतर ही बासमती की प्रमुख किस्मों के दामों में ₹400 से ₹500 प्रति क्विंटल तक की सीधी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जहां कुछ समय पहले तक मंडियों में सुस्ती का माहौल दिख रहा था, वहीं अब डिमांड का बूस्टर लगते ही औसत भाव ₹3,800 से ₹4,300 प्रति क्विंटल के पार चले गए हैं। कई प्रमुख मंडियों (जैसे ग्वालियर की डबरा APMC) में अच्छी गुणवत्ता वाले बासमती 1509 धान की अधिकतम कीमतें ₹4,050 प्रति क्विंटल तक दर्ज की जा रही हैं, जबकि उत्तर भारत की कुछ मंडियों में यह आंकड़ा ₹4,400 से ₹4,600 को भी छू रहा है।

इस ऐतिहासिक उछाल के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण काम कर रहे हैं:

  • इंटरनेशनल ट्रेड और एक्सपोर्ट में भारी छूट: हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा बासमती और गैर-बासमती चावल के निर्यात (Export Policy) नियमों में ढील दिए जाने और वैश्विक स्तर पर न्यूनतम निर्यात मूल्य (MEP) हटाए जाने का सीधा असर अब घरेलू बाजार पर दिख रहा है।
  • खाड़ी देशों से मजबूत मांग: संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, ओमान, कुवैत और कतर जैसे खाड़ी देशों से भारतीय बासमती चावल के बड़े पैमाने पर एडवांस ऑर्डर मिले हैं। एक्सपोर्टर्स को तय समय पर माल भेजना है, इसलिए वे सीधे मंडियों से तेजी से स्टॉक जुटा रहे हैं।
  • पुराने धान के स्टॉक में भारी कमी: मंडियों में पिछले साल के पुराने बासमती धान का स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है। इस कमी के कारण नए आ रहे 1509 और सुगंधा धान को हाथों-हाथ लिया जा रहा है।

मध्य प्रदेश की इन मंडियों में मची है धूम

प्रदेश के बासमती बेल्ट कहे जाने वाले जिलों—रायसेन, होशंगाबाद, विदिशा, सीहोर, ग्वालियर और शिवपुरी की मंडियों में रोजाना हजारों क्विंटल धान की आवक हो रही है। किसान अपनी उपज लेकर सीधे मंडियों में पहुंच रहे हैं और उन्हें पिछले कई सीजनों के मुकाबले इस बार अपनी फसल का सबसे मुनाफेदार और बेहतरीन दाम मिल रहा है। व्यापारियों का मानना है कि यदि निर्यात की यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले दिनों में सुगंधा और 1121 जैसी प्रीमियम किस्मों के भाव नए रिकॉर्ड भी बना सकते हैं।

By Admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *