स्टॉकहोम/पेरिस: विज्ञान की दुनिया से एक बेहद प्रेरणादायक और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने वर्ष 2026 के रसायन विज्ञान (Chemistry) के नोबेल पुरस्कार की घोषणा कर दी है। इस साल यह प्रतिष्ठित सम्मान फ्रांस में जन्मे 95 वर्षीय बुजुर्ग वैज्ञानिक हेनरी बी. कागन (Henri B. Kagan) और जापान के केन्सो सोआई (Kenso Soai) को संयुक्त रूप से दिया गया है।
हेनरी कागन इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को पाने वाले दुनिया के सबसे उम्रदराज वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हो गए हैं। नोबेल समिति के अनुसार, इन दोनों दिग्गजों ने रसायन विज्ञान की एक ऐसी रहस्यमयी पहेली को सुलझाया है, जो पिछले 100 से भी अधिक सालों से वैज्ञानिकों के लिए एक अनसुलझी गुत्थी बनी हुई थी।
🔬 आखिर क्या है वह ‘रहस्यमयी पहेली’ जिसे इन्होंने सुलझाया?
रसायन विज्ञान की भाषा में इस खोज को “असममित कार्बनिक संश्लेषण में नॉन-लीनियर प्रभावों और ऑटोकैटालिसिस की खोज” (Non-linear effects and autocatalysis in asymmetric organic synthesis) कहा गया है।
सरल शब्दों में समझें तो:
- हमारे आसपास और हमारे शरीर के भीतर कई रासायनिक अणु (Molecules) ऐसे होते हैं जो ‘मिरर इमेज’ (दर्पण जैसी संरचना) बनाते हैं। ठीक वैसे ही, जैसे हमारे दोनों हाथ—दिखने में एक जैसे, लेकिन एक-दूसरे के बिल्कुल उलटे (Chiral)।
- सदियों से वैज्ञानिकों के सामने यह रहस्य था कि प्रकृति या हमारा शरीर इन दोनों रूपों में से केवल एक ही तरह के अणु (होमोचिरैलिटी) का इस्तेमाल क्यों और कैसे करता है। जब प्रयोगशाला में इन्हें बनाया जाता था, तो दोनों रूप बराबर मात्रा में बनते थे, जिससे दवाइयां बनाने में बड़ी दिक्कत आती थी क्योंकि अणु का दूसरा रूप नुकसानदेह भी हो सकता था।
- 95 वर्षीय हेनरी कागन ने 1980 के दशक में पहली बार दिखाया कि रासायनिक प्रतिक्रियाओं को इस तरह से बदला जा सकता है जिससे एक हिस्से की मात्रा ज्यादा बने। बाद में जापानी वैज्ञानिक केन्सो सोआई ने इसे सच कर दिखाया, जिसे आज विज्ञान की दुनिया में “सोआई रिएक्शन” के नाम से जाना जाता है।
💊 मानव जाति को कैसे मिलेगा फायदा?
इस ऐतिहासिक खोज का सबसे बड़ा असर मेडिकल साइंस और फार्मेसी पर पड़ रहा है। आज हम जो जीवन रक्षक दवाइयां, सुगंध (Flavours) और विशेष सामग्रियां इस्तेमाल कर रहे हैं, वे बिना इस तकनीक के संभव नहीं थीं। अब वैज्ञानिक बिना किसी साइड-इफेक्ट के सटीक और असरदार दवाइयां बनाने में सक्षम हैं।
🏆 इनाम में क्या मिलेगा?
नोबेल पुरस्कार के तहत दोनों वैज्ञानिकों को एक स्वर्ण पदक, प्रशस्ति पत्र और 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (लगभग 12 लाख अमेरिकी डॉलर) की पुरस्कार राशि दी जाएगी, जिसे दोनों आपस में साझा करेंगे। यह पुरस्कार आगामी 10 दिसंबर को अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि पर आयोजित एक औपचारिक समारोह में प्रदान किया जाएगा।
“विज्ञान में कभी सेवानिवृत्ति (Retirement) नहीं होती, बस खोज का सिलसिला जारी रहता है।” 95 वर्ष की उम्र में हेनरी कागन को मिला यह नोबेल प्राइज आज दुनिया भर के युवाओं और शोधकर्ताओं के लिए एक मिसाल बन गया है!