
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के शहरों के योजनाबद्ध विकास के लिए 19 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया है। नगरीय विकास, आवास एवं संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह बजट राज्य के शहरी क्षेत्रों को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि नगरीय विकास को गति देने के लिए जनप्रतिनिधियों की भूमिका और जन-भागीदारी आवश्यक है।
शहरी विकास की नई योजना:
मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि सरकार शहरों के मास्टर प्लान को अगले 25 वर्षों को ध्यान में रखकर तैयार कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” विजन को ध्यान में रखते हुए, मध्यप्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा।
व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा:
राज्य सरकार ने इंदौर और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है, जिससे व्यापार और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। इसके अलावा, इंदौर की हुकुमचंद मिल के पुनर्विकास (रीडेन्सिफिकेशन) की योजना बनाई गई है, जिससे वहां आइकोनिक टॉवर बनेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
जन-भागीदारी का नया मॉडल:
इंदौर का उदाहरण देते हुए मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि विकास कार्यों में जनता की भागीदारी से बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर में जनता ने एक दिन में 12.40 लाख पौधे लगाकर रिकॉर्ड बनाया है और अब इन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी जनता ने ली है।
नगर निकायों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल:
मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि राज्य सरकार नगर निकायों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई योजनाएं लागू कर रही है। सम्पत्तियों की जियो-मैपिंग से नगर निकायों की आय में वृद्धि होगी, जिससे वे अपने स्तर पर वित्तीय रूप से मजबूत बन सकेंगे।
बेहतर परिवहन और स्वच्छता
शहरी क्षेत्रों में मास ट्रांसपोर्टेशन को मजबूत किया जाएगा ताकि लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में अधिकतम 15 मिनट का समय लगे। इंदौर और भोपाल में आधुनिक परिवहन सुविधाओं को विकसित करने के लिए देश के विशेषज्ञों से परामर्श लिया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए 500 नई ई-बसें लाई जा रही हैं और भविष्य में 500 और बसें जोड़ी जाएंगी। इसके अलावा, इंदौर-भोपाल का मास्टर प्लान मार्च 2025 तक तैयार कर लिया जाएगा।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मध्यप्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों के विकास पर भी ध्यान दे रही है। उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद वहाँ की अर्थव्यवस्था में 10 गुना वृद्धि हुई है। अब ओंकारेश्वर सहित अन्य धार्मिक स्थलों को भी धार्मिक पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
सिंहस्थ 2028 की भव्य तैयारी
मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए 2,500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। यह आयोजन अत्यधिक भव्य और सुव्यवस्थित होगा, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नई ऊंचाई मिलेगी।
बजट पारित
विधानसभा में नगरीय विकास एवं आवास विभाग का 18,676.43 करोड़ रुपये तथा राज्य विधानमंडल के 157.39 करोड़ रुपये का बजट ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इस ऐतिहासिक बजट के साथ, मध्यप्रदेश के शहरी क्षेत्रों को नए और सुव्यवस्थित विकास की दिशा में आगे बढ़ाने की तैयारी पूरी हो चुकी है।



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