
पूर्व परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा के भ्रष्टाचार मामले में नए खुलासे
मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। लोकायुक्त और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की संयुक्त कार्रवाई में सौरभ शर्मा की अवैध संपत्तियों का बड़ा खुलासा हुआ है।जांच की प्रगति और बरामदगी
नकद और आभूषण लोकायुक्त की छापेमारी में सौरभ शर्मा के आवास से 28.5 लाख रुपये नकद, 5 लाख रुपये से अधिक के आभूषण, और 21 लाख रुपये की चांदी बरामद की गई।
सोना और नकदी एक अन्य छापेमारी में, मेंडोरी गांव में एक प्लॉट में खड़ी कार से 52 किलो सोना और लगभग 11 करोड़ रुपये नकद मिले।
विदेशी संपत्ति सूत्रों के अनुसार, सौरभ शर्मा ने दुबई में लगभग 150 करोड़ रुपये मूल्य का विला खरीदा है, जो उनकी अवैध कमाई का हिस्सा माना जा रहा है।
जांच में यह भी पता चला है कि सौरभ शर्मा ने अपने करीबी सहयोगियों के माध्यम से काले धन को सफेद करने के लिए गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) का उपयोग किया। अर्चना शर्मा नामक एक महिला, जो ‘राजमाता शिक्षा एवं समाज समिति’ नामक NGO चलाती हैं, के माध्यम से धन शोधन की गतिविधियों को अंजाम दिया गया।
इस मामले ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ED और आयकर विभाग से विस्तृत जांच कराने का आग्रह किया है।
सौरभ शर्मा और परिवार की वर्तमान स्थिति
सौरभ शर्मा और उनकी पत्नी दिव्या छापेमारी से चार दिन पहले दुबई चले गए थे और तब से वापस नहीं आए हैं। उनकी गिरफ्तारी से बचने के लिए भोपाल कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई है। कुल संपत्ति का अनुमान
जांच एजेंसियों के अनुसार, सौरभ शर्मा की कुल अवैध संपत्ति 100 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है, जिसमें रियल एस्टेट, सोना, नकदी, और विदेशी निवेश शामिल हैं।
सौरभ शर्मा के मामले ने मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही लड़ाई को एक नया मोड़ दिया है। जांच एजेंसियों की सक्रियता और राजनीतिक दबाव के बीच, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और दोषियों को किस प्रकार न्याय के कटघरे में लाया जाता है।



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