


प्रयागराज महाकुंभ 2025 रेलवे की ऐतिहासिक तैयारी, 3000 से अधिक विशेष ट्रेनों से आस्था का संगम
प्रयागराज महाकुंभ 2025, दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आयोजन, अब करीब है। इसे सफल बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने अभूतपूर्व तैयारी शुरू कर दी है। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) शशिकांत त्रिपाठी ने जानकारी दी कि इस महायज्ञ के लिए 10,000 से अधिक नियमित ट्रेनों और 3000 से ज्यादा विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। ये विशेष ट्रेनें देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालुओं को प्रयागराज तक लाने और ले जाने का काम करेंगी।
यह आयोजन भारतीय संस्कृति, आस्था और एकजुटता का प्रतीक है, जहां लाखों लोग पवित्र संगम में डुबकी लगाने और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए जुटते हैं। रेलवे इस बार न केवल यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, बल्कि आधुनिक तकनीक, सुरक्षा और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील योजनाओं पर भी काम कर रहा है।
विशेष ट्रेनों का संचालन श्रद्धालुओं के लिए आस्था की रेल
रेलवे ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दो तरह की विशेष ट्रेनों की योजना बनाई है
शॉर्ट डिस्टेंस ट्रेन्स (छोटे दूरी की ट्रेनें)
महाकुंभ में आने वाले अधिकतर लोग उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों से आते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए रेलवे ने अधिकतम शॉर्ट डिस्टेंस ट्रेनों का संचालन करने की योजना बनाई है। ये ट्रेनें लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर, आगरा और झांसी जैसे शहरों से जुड़ेंगी।
देश के सुदूर कोनों से श्रद्धालुओं को प्रयागराज तक लाने के लिए 600-700 लंबी दूरी की ट्रेनें चलाई जाएंगी। इनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद और हैदराबाद से चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं।
ट्रेन सेवाओं को नियमित करने के लिए विशेष समय सारिणी तैयार की जा रही है, जिससे भीड़ प्रबंधन में आसानी हो।
स्टेशनों का आधुनिकीकरण और सुविधाएं
महाकुंभ के दौरान रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रयागराज जंक्शन और अन्य प्रमुख स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ाई जाएगी।
वेटिंग रूम और विश्रामालय की सुविधाओं में सुधार किया जाएगा।
खाने-पीने के लिए स्वच्छ कैफेटेरिया और जलपान केंद्र बनाए जाएंगे।
सभी स्टेशनों पर डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और हेल्प डेस्क लगाई जाएंगी।
यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
महाकुंभ के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा एक बड़ी चुनौती होती है। रेलवे ने इसके लिए विशेष योजनाएं बनाई हैं
CCTV कैमरों से स्टेशनों और ट्रेनों की निगरानी की जाएगी।
विशेष सुरक्षा बल (आरपीएफ और जीआरपी) की तैनाती होगी।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए अलग हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएंगे।
डिजिटल सुविधा यात्रा को सरल और सुगम बनाने का प्रयास
रेलवे ने इस महाकुंभ में डिजिटल तकनीक का भरपूर उपयोग करने की योजना बनाई है:
रेलवे की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर विशेष ट्रेनों का शेड्यूल उपलब्ध होगा।
डिजिटल टिकटिंग सुविधा से कतारों में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
यात्रियों को स्टेशनों और ट्रेनों की जानकारी तुरंत उपलब्ध कराने के लिए SMS अलर्ट और मोबाइल नोटिफिकेशन का प्रबंध किया जाएगा।
इस बार रेलवे ने महाकुंभ को पर्यावरण के अनुकूल बनाने का संकल्प लिया है।
इलेक्ट्रिक ट्रेनों का उपयोग बढ़ाया जाएगा।
डीजल इंजनों का उपयोग कम से कम होगा।
ट्रेनों और स्टेशनों पर बायोडिग्रेडेबल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा।
महाकुंभ जैसा विशाल आयोजन कई चुनौतियों को साथ लेकर आता
रेलवे ने भीड़ को संभालने के लिए एक विशेष क्राउड कंट्रोल प्लान तैयार किया है।
ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाकर और अतिरिक्त कोच लगाकर यात्रियों की संख्या को नियंत्रित किया जाएगा।समय पर ट्रेनों का संचालन
सभी ट्रेनों की समय सारिणी का सख्ती से पालन करने के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग टीम बनाई जाएगी।
स्टेशनों के पास पार्किंग की जगह बढ़ाई जाएगी।
ऑटो और टैक्सी सेवाओं को रेगुलेट किया जाएगा।
महाकुंभ में रेलवे की भूमिका आस्था का आधार
महाकुंभ में रेलवे की भूमिका केवल एक परिवहन सेवा तक सीमित नहीं है। यह आयोजन भारतीय आस्था और संस्कृति का प्रतीक है, और रेलवे इसमें एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रहा है।
हर साल लाखों श्रद्धालु ट्रेन के जरिए कुंभ मेले में पहुंचते हैं। रेलवे उनके लिए सबसे किफायती, सुरक्षित और सुविधाजनक साधन है।
विशेष ट्रेनों और सेवाओं से न केवल भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर श्रद्धालु को संगम में स्नान और पूजा का अवसर मिले।
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव
रेलवे इस महाकुंभ को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए तत्पर है। प्रयागराज महाकुंभ न केवल धार्मिक आस्था का पर्व है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, एकजुटता और सेवा का परिचायक है। रेलवे की यह ऐतिहासिक तैयारी आने वाले समय में कुंभ मेले को और भव्य और यादगार बनाएगी।
आस्था की यात्रा, रेलवे के साथ
महाकुंभ 2025 में रेलवे ने न केवल परिवहन बल्कि श्रद्धालुओं के अनुभव को भी बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा है। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और भारतीयता का संगम है।
“आइए, महाकुंभ 2025 में रेलवे के साथ इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनें और इस अद्वितीय आयोजन का अनुभव करें।”





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