हाई कोर्ट ने बनाई गाइडलाइंस पुलिस और न्यायपालिका को सीधे निर्देश
उच्च न्यायालय ने कहा है कि रेप पीड़िता को गर्भपात की अनुमति देने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए।
यह निर्णय महिलाओं के अधिकारों और स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है,
उच्च न्यायालय इंदौर ने यह भी कहा है कि गर्भपात के लिए अनुमति देने से पहले पीड़िता की मानसिक और शारीरिक स्थिति का मूल्यांकन किया जाना चाहिए।,
इसके अलावा, उच्च न्यायालय इंदौर ने यह भी कहा है कि गर्भपात की प्रक्रिया को गोपनीय रखना चाहिए और पीड़िता की गोपनीयता का सम्मान करना चाहिए
यह निर्णय रेप पीड़िताओं के लिए एक बड़ी राहत है और उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए प्रेरित करता है।




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