
अनूपपुर पुलिस का ऑपरेशन कोल्हापुर और सिवनी
अनूपपुर पुलिस ने अपने समर्पण और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन करते हुए दो नाबालिग बालिकाओं को सैकड़ों किलोमीटर दूर से सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सौंपा। थाना प्रभारी कोतवाली अरविंद जैन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कोल्हापुर (महाराष्ट्र) और सिवनी (मध्य प्रदेश) में त्वरित ऑपरेशन को अंजाम दिया। सोशल मीडिया के जाल में फंसी और घर से गायब बालिकाओं को सुरक्षित लाने के लिए की गई यह कार्रवाई पुलिस की सूझबूझ और मानवता का बेमिसाल उदाहरण है।
पहला मामला कोल्हापुर में छिपे राज से उठा पर्दा
13 नवंबर 2024 को थाना अमरकंटक क्षेत्र निवासी एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी 17 वर्षीय बेटी, जो अनूपपुर के एक प्राइवेट कॉलेज के हॉस्टल में रह रही थी, अचानक गायब हो गई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि शुभम राठौर (19 वर्ष), निवासी महुदा, थाना जैतहरी ने इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए बालिका को प्रेम जाल में फंसाया और बहलाकर उसे महाराष्ट्र के कोल्हापुर ले गया।
थाना प्रभारी अरविंद जैन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सहायक उपनिरीक्षक आशीष सिंह, आरक्षक अब्दुल कलीम और महिला आरक्षक कविता विकल की टीम को कोल्हापुर भेजा। पुलिस टीम ने स्थानीय थाना कांगल के सहयोग से शुभम को गिरफ्तार कर बालिका को सुरक्षित बरामद किया।
दूसरा मामला सिवनी के जंगलों में खोई नाबालिग
24 नवंबर 2024 को राजेंद्रग्राम निवासी एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी नाबालिग बेटी कम्प्यूटर क्लास के लिए निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी।
थाना प्रभारी अरविंद जैन ने सहायक उपनिरीक्षक सुरेंद्र प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक महेंद्र राठौर, और महिला आरक्षक ऊषा सिंह को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। टीम ने सिवनी जिले के विजयपानी गांव, थाना कुरई के जंगलों से बालिका को खोज निकाला। बालिका को सुरक्षित वापस लाना किसी फिल्मी सस्पेंस से कम नहीं था।
ऑपरेशन की खास बातें
सोशल मीडिया पर नजरकोल्हापुर मामले में पुलिस ने आरोपी की ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक कर सटीक लोकेशन का पता लगाया।
सिवनी ऑपरेशन की चुनौती दुर्गम इलाके में रातभर की मशक्कत के बाद बालिका को सुरक्षित ढूंढ निकाला गया।
मनोवैज्ञानिक संवेदनशीलता दोनों बालिकाओं को दस्तयाबी के बाद मनोवैज्ञानिक रूप से संभाला गया और उन्हें परिजनों को सौंपा गया।
पुलिस अधीक्षक की सराहना और अपील
पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने थाना प्रभारी अरविंद जैन और उनकी टीम की बहादुरी और त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे नाबालिग बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें सुरक्षित माहौल प्रदान करें।
इस ऑपरेशन में थाना प्रभारी अरविंद जैन के साथ सहायक उपनिरीक्षक आशीष सिंह और सुरेंद्र प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक महेंद्र राठौर, आरक्षक अब्दुल कलीम, महिला आरक्षक कविता विकल और ऊषा सिंह ने अपनी प्रतिबद्धता और सूझबूझ से यह सफलता हासिल की। उनकी मेहनत और समर्पण ने पुलिस की छवि को और सशक्त किया है।
अनूपपुर पुलिस का यह ऑपरेशन यह साबित करता है कि उनकी प्राथमिकता न केवल अपराधियों पर शिकंजा कसना है, बल्कि पीड़ितों को सुरक्षित वापस लाना भी है।




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