
जबलपुर। मध्य प्रदेश के विभिन्न थाना परिसरों में बनाए जा रहे हनुमान मंदिरों के मामले में एक और हस्तक्षेप आवेदन हाईकोर्ट में पेश किया गया है। आवेदन में कहा गया है िक श्री हनुमान न्याय और दंड के प्रतीक है। इसलिए थाना परिसरों में उनके मंदिरों का विरोध अनुचित है। मांग की गई कि हनुमान मंदिरों का विरोध करने वाली जनहित याचिका निरस्त कर दी जाए। आवेदक की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय रखेंगे। जबलपुर निवासी अधिवक्ता ओपी यादव की ओर से जनहित याचिका दायर की गई है। जिसके जरिए जबलपुर सहित राज्य के सभी थाना परिसरों में हनुमान मंदिरों के निर्माण को अनुचित ठहराया गया है। निर्माणाधीन मंदिरों पर रोक लगाए जाने की मांग की गई है। इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने चार नवंबर को यथास्थिति का अंतरिम आदेश पारित कर दिया था।



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