
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने च्वाॅइस फिलिंग के बाद अन्यत्र स्थानांतरण को विधि सम्मत नहीं माना है। कोर्ट ने कहा कि च्वाॅइस फिलिंग करवाने के बाद सरकार उस पर अमल करने बाध्य है। इस मत के साथ कोर्ट ने अतिशेष शिक्षक के स्थानांतरण पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश िदए। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने शासन को निर्देश दिए िक 15 दिन के भीतर अभ्यावेदन का निराकरण करें। सिंगरौली जिले में माध्यमिक विद्यालय माजन खुर्द में कार्यरत माध्यमिक शिक्षक (हिंदी) रामजनम वर्मा ने च्वाॅइस फिलिंग के अनुरूप स्थानांतरण नहीं होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विनायक प्रसाद शाह, रूप सिंह मरावी और पुष्पेंद्र कुमार शाह ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया िक याचिकाकर्ता को अवैधानिक रूप से अतिशेष किया गया। दलील दी कि जिस विद्यालय में याचिकाकर्ता शिक्षक के पद पर कार्यरत है वहाँ पर शिक्षकों की संख्या उतनी ही है जितना शिक्षा का अधिकार कानून 2013 के अनुरूप होनी चाहिए। याचिकाकर्ता के अन्यत्र स्थानांतरण से शिक्षक की कमी हो रही है। काउंसलिंग द्वारा च्वाॅइस फिलिंग के लिए 15 सितंबर 2024 की तिथि तय की गई थी। इसके लिए जिले में रिक्तियों को ऑनलाइन पोर्टल पर भी जारी किया गया। इसके अनुरूप याचिकाकर्ता ने काउंसलिंग में शामिल होकर वरीयता क्रम में पाँच विद्यालय चयनित किए। इसके बाद च्वाॅइस के विपरीत 20 सितंबर 2024 को याचिकाकर्ता का स्थानांतरण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डोड़की कर दिया, जो वर्तमान पोस्टिंग से लगभग सौ किलोमीटर दूर है।



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