
उमरिया।
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और मरीजों के साथ हो रहे अभद्र व्यवहार पर कमिश्नर शहडोल संभाग सुरभि गुप्ता ने सख्त रुख अपनाते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर के सीबीएमओ डॉ. निशांत सिंह परिहार को निलंबित कर दिया है। मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम, 1966 के तहत यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से की गई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद की जा रही है।
मरीजों की मौत और लापरवाही का मामला
शिकायत के अनुसार, 29 नवंबर 2024 को हेमा पटेल नामक मरीज को अत्यधिक दर्द में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर लाया गया था। चिकित्सकों ने ऑक्सीजन की आवश्यकता बताई, लेकिन अस्पताल में ऑक्सीजन उपलब्ध न होने और इलाज में कोताही के चलते मरीज की मृत्यु हो गई।
जांच में क्या निकला?
कलेक्टर उमरिया के आदेश पर जांच समिति गठित की गई, जिसकी रिपोर्ट ने चौंकाने वाले खुलासे किए
बीएमओ मुख्यालय में निवास नहीं करते।
अस्पताल कर्मी मरीजों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं।
अस्पताल में बिजली, पानी और सफाई की दुर्व्यवस्था।
छोटी बीमारियों के लिए भी मरीजों को अन्यत्र रेफर करना।
जन आक्रोश और कमिश्नर की कार्रवाई
जांच रिपोर्ट के आधार पर, कमिश्नर ने इसे जनहित के खिलाफ और शासन की मंशा का उल्लंघन मानते हुए डॉ. परिहार पर सख्त कार्रवाई की। निलंबन अवधि के दौरान, उनका मुख्यालय सीएमएचओ कार्यालय उमरिया निर्धारित किया गया है।
कमिश्नर सुरभि गुप्ता की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस कदम से न केवल स्वास्थ्य विभाग बल्कि अन्य सरकारी संस्थानों में भी जिम्मेदारी और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की नई उम्मीद
यह कार्रवाई मरीजों के अधिकारों और जनहित की रक्षा के लिए एक बड़ा संदेश है। मानपुर और आसपास के क्षेत्रों के नागरिक अब बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद कर सकते हैं।




Leave a Reply