

भोपाल, खरगोन जिले के जनजातीय क्षेत्र झिरन्या में 16 नवंबर को संभाग स्तरीय स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। “जो नहीं पहुंचा हम तक, हम पहुंचे उन तक” थीम पर आयोजित इस शिविर ने क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की। एकलव्य विद्यालय परिसर में आयोजित इस शिविर में कुल 12,882 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
इस कार्यक्रम में एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर, मेडिकल कॉलेज खंडवा, अरविंदो हॉस्पिटल इंदौर, ऑल इज वेल हॉस्पिटल बुरहानपुर सहित 121 विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दीं। शिविर का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनुबाई तंवर, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती संगीता नार्वे, उपाध्यक्ष श्री मनोज जायसवाल, पूर्व विधायक श्री धुलसिंग डावर, श्रीमती नंदा ब्राह्मणे एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुआ।
विशेष सुविधाएं और शिविर की उपलब्धियां
शिविर में 22 प्रकार के रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सेवाएं प्रदान कीं। मरीजों के लिए अलग-अलग काउंटर और कक्ष बनाए गए थे, जहां गर्भवती महिलाओं, सिकलसेल एनीमिया, कैंसर, दंत रोग, नेत्र रोग, शिशु रोग, अस्थि रोग, मूत्र रोग, हृदय रोग जैसे सभी प्रमुख बीमारियों का परीक्षण किया गया।
27 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए इंदौर के शंकरा नेत्र अस्पताल भेजा गया।
47 मरीजों को अरविंदो अस्पताल, इंदौर में उपचार के लिए चिन्हित किया गया।
502 गर्भवती महिलाओं और 102 सामान्य सोनोग्राफी जांचें की गईं।
37 बच्चों की ईको जांच में 19 बच्चों को हृदय संबंधी समस्या पाई गई, जिनका ऑपरेशन श्री अरविंदो मेडिकल साइंस संस्थान, इंदौर में किया जाएगा।
विशेष तकनीकी सेवाएं
शिविर में रक्तचाप, शुगर, पेशाब, और खून की विस्तृत जांच की गई। सोनोग्राफी, ईसीजी, ईको और कार्डियोलॉजी जांचें भी उपलब्ध थीं।
आयुष विभाग ने आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी पद्धति से मरीजों का परीक्षण किया और निःशुल्क दवाइयां प्रदान कीं।
कैंसर, नाक-कान-गला, और स्त्री रोग विशेषज्ञों ने जटिल मामलों की पहचान कर उचित उपचार की व्यवस्था की।
फॉलोअप के लिए यूनिक आईडी प्रणाली
खरगोन के कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा ने बताया कि जिन मरीजों को फॉलोअप की आवश्यकता है, उनके लिए यूनिक आईडी बनाई गई है। इसके माध्यम से संबंधित चिकित्सक मरीजों का भविष्य में भी इलाज और मार्गदर्शन करेंगे।
क्षेत्रीय लोगों के लिए वरदान साबित हुआ शिविर
झिरन्या के ग्रामीण और जनजातीय समुदाय, जो इलाज के लिए इंदौर, खरगोन या खंडवा जैसे शहरों पर निर्भर रहते थे, इस शिविर से उन्हें बड़ी राहत मिली। मरीजों को एक ही स्थान पर सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।
सफल आयोजन
स्वास्थ्य विभाग के लगभग 850 अधिकारी-कर्मचारी सुबह 7 बजे से लेकर शाम तक सेवा में जुटे रहे। इससे पहले भी भगवानपुरा और भीकनगांव में ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का सफल आयोजन किया गया था। झिरन्या में आयोजित शिविर ने इस परंपरा को और मजबूत किया है।
समाजसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण
झिरन्या शिविर ने न केवल चिकित्सा सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया, बल्कि स्वास्थ्य और कल्याण के क्षेत्र में समाजसेवा का नया मानक स्थापित किया है।






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