
जबलपुर। ब्यावरा रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के अंतर्गत जारी विकास कार्यों में लेटलतीफी और तकनीकी खामियों पर रेलवे के उच्च अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर के प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर आशुतोष ने स्टेशन का औचक निरीक्षण कर निर्माण की गुणवत्ता और गति पर असंतोष व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाते हुए प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
निर्माण कार्यों में सुस्ती पर अधिकारियों को चेतावनी
निरीक्षण के दौरान प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर ने फुटओवर ब्रिज और अन्य निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने असिस्टेंट मंडल इंजीनियर अमर सिंह दांगी को कार्य के प्रति लापरवाही बरतने और मास्टर प्लान के अनुरूप कार्य न कराने के लिए फटकार लगाई। मुख्य अभियंता ने स्पष्ट किया कि फील्ड अधिकारियों की नियमित निगरानी न होने के कारण ही कार्य समय सीमा से पीछे चल रहे हैं। उन्होंने कार्यप्रणाली में सुधार न होने पर पद अवनति जैसी कठोर विभागीय कार्रवाई की बात भी कही।
तकनीकी त्रुटि और निरीक्षण में मिली खामियां
अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन पर लगभग 21 करोड़ रुपए की लागत से कायाकल्प का कार्य प्रस्तावित है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 3 के बीच बन रहे फुटओवर ब्रिज के गर्डर को लेकर गंभीर तकनीकी सवाल उठे। निरीक्षण में पाया गया कि एक गर्डर का आकार मास्टर प्लान में निर्धारित माप से छोटा रखा गया है। जब इस संबंध में ठेकेदार के इंजीनियर और साइट इंचार्ज से स्पष्टीकरण मांगा गया, तो वे संतोषजनक जानकारी नहीं दे पाए। इस तकनीकी चूक पर नाराजगी जाहिर करते हुए पीसीई ने अधिकारियों से जवाब-तलब किया।
प्रशासनिक फेरबदल और तबादले के आदेश
कार्य में देरी और लापरवाही को देखते हुए मौके पर ही अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई। प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर ने ब्यावरा के इंस्पेक्टर ऑफ वर्क्स महेंद्र कुमार आर्या का मुख्यालय तत्काल प्रभाव से शाजापुर से बदलकर ब्यावरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने भोपाल मंडल के अधिकारियों और चीफ इंजीनियर को निर्देशित किया कि उनके मुख्यालय पहुंचने से पहले स्थानांतरण आदेश जारी कर सूचित किया जाए। इसके साथ ही संबंधित ठेकेदार को भी चेतावनी दी गई है कि यदि कार्य की गति में सुधार नहीं हुआ तो कठोर कदम उठाए जाएंगे।
अमृत भारत योजना के तहत विकास कार्यों का जायजा
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी गुरुवार 9 अप्रैल की शाम लगभग 5 बजकर 30 मिनट पर विशेष निरीक्षण ट्रेन से ब्यावरा पहुंचे थे। उन्होंने स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए चल रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की। इस उच्च स्तरीय दौरे के बाद रेलवे प्रशासन में हड़कंप का माहौल बना रहा। जोन स्तर के अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की वित्तीय या तकनीकी अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब स्टेशन पर जारी कार्यों की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट उच्च कार्यालय को भेजी जाएगी।


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