
नर्मदापुरम। के केसला थाना क्षेत्र अंतर्गत सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के कोर जोन में बाघ के हमले से एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। महुआ बीनने जंगल गए व्यक्ति को बाघ ने अपना शिकार बना लिया और उसके शरीर को बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया। वन विभाग और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवशेष बरामद किए हैं।
तवा नदी पार कर कोर एरिया में घुसा था मृतक
केसला ब्लॉक के ग्राम चुरना निवासी 49 वर्षीय सुधराम चौहान बुधवार को महुआ इकट्ठा करने के लिए घर से निकला था। सुधराम तवा नदी को पार कर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित कोर एरिया के भीतर तक चला गया था। जब वह देर शाम तक अपने घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बुधवार रात को घने जंगल और जंगली जानवरों के खतरे के कारण ग्रामीण अधिक भीतर नहीं जा सके। गुरुवार सुबह मृतक का भाई रघुवर चौहान अन्य ग्रामीणों के साथ फिर से तलाश में निकला। सर्चिंग के दौरान जंगल में सुधराम का शव दिखाई दिया, जिसके पास ही बाघ बैठा हुआ था। ग्रामीणों के शोर मचाने के बाद बाघ वहां से जंगल की ओर भाग गया।
मौके पर बिखरे मिले शव के अवशेष और पहचान पत्र
ग्रामीणों ने घटना की सूचना तत्काल केसला थाना पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों को दी। मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि बाघ ने सुधराम के शरीर को कई हिस्सों में बांट दिया था। शव का सिर धड़ से अलग था और हड्डियां आसपास बिखरी हुई थीं। घटनास्थल पर खून के गहरे धब्बे और मृतक के फटे हुए कपड़े भी मिले। पुलिस ने मौके पर मिले आधार कार्ड के जरिए मृतक की शिनाख्त सुधराम चौहान के रूप में की। वन अधिकारियों के अनुसार शव की स्थिति को देखकर प्रतीत होता है कि बाघ काफी समय से भूखा था। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव के अवशेषों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद अवशेष परिजनों को सौंप दिए गए, जिनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। वन विभाग ने इस घटना के बाद क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है।


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