
ताप विद्युत गृहों ने दर्ज किया 26,582.75 मिलियन यूनिट का कुल उत्पादन
जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। कंपनी ने इस समयावधि में अपने चारों प्रमुख ताप विद्युत केंद्रों के माध्यम से कुल 26,582.75 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया। इस प्रदर्शन के साथ ही प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है। परिचालन दक्षता के मामले में कंपनी का औसत प्लांट उपलब्धता फैक्टर 81.45 प्रतिशत दर्ज किया गया।
प्रदेश के चारों प्रमुख बिजली घरों अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई,सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी, संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर और श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया ने इस उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करने में सामूहिक योगदान दिया। तकनीकी मानकों पर भी विद्युत इकाइयों का प्रदर्शन प्रभावी रहा, जिसमें हीट रेट, विशिष्ट तेल खपत और ऑक्जलरी पावर कंजम्पशन को निर्धारित सीमाओं के भीतर रखने में सफलता मिली।
नियामक आयोग के मानकों से बेहतर रहा इकाइयों का तकनीकी प्रदर्शन
परिचालन मानकों की समीक्षा में पाया गया कि अमरकंटक फेज-3, सतपुड़ा फेज-4 और श्री सिंगाजी के फेज-1 व फेज-2 ने मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा तय किए गए पीएएफ मानकों से अधिक कार्यक्षमता प्रदर्शित की। व्यक्तिगत इकाइयों के स्तर पर सतपुड़ा की यूनिट-10 ने 98.29 प्रतिशत का सर्वाधिक प्लांट उपलब्धता फैक्टर प्राप्त किया। इसके साथ ही श्री सिंगाजी परियोजना की यूनिट-1 ने 94.55 प्रतिशत, यूनिट-3 ने 88.77 प्रतिशत और संजय गांधी ताप विद्युत गृह की यूनिट-3 ने 85.92 प्रतिशत पीएएफ के साथ कार्य किया। आर्थिक और तकनीकी दक्षता के मोर्चे पर कंपनी ने विशिष्ट तेल खपत को नियामक आयोग के मानकों से कम रखने में सफलता पाई। अमरकंटक और सतपुड़ा के विभिन्न चरणों का हीट रेट तय मानदंडों से बेहतर रहा। प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने इस कामयाबी का आधार समस्त अभियंताओं, तकनीकी स्टाफ और श्रमिकों की कार्यनिष्ठा को बताया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में तकनीकी दक्षता और पर्यावरणीय दायित्वों के साथ राज्य की उत्पादन क्षमता को और सुदृढ़ किया जाएगा।


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