
जबलपुर। हाईकोर्ट के कर्मचारियों को उच्च वेतनमान देने के मामले में पूर्व आदेश पालन नहीं करने पर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने कहा कि अवमानना के आरोप तय करने के पहले वे मुख्य सचिव को सुनना चाहेंगे। कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को चार मई को हाजिर होने के निर्देश दिए हैं।कोर्ट ने कहा कि यह अवमानना याचिका 2018 से लंबित है और आज तक सरकार ने अप्रैल 2017 में दिए आदेश का पालन नहीं किया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिए थे कि हाईकोर्ट कर्मियों को राज्य सरकार के कर्मचारियों से अलग वेतनमान दिया जाए। इस मामले में आदेश का पूर्ण पालन करने के लिए महाधिवक्ता और मुख्य सचिव ने कई बार समय लिया। इसके बावजूद आदेश का पालन नहीं किया गया।यह मामला हाई कोर्ट के कर्मचारी किशन पिल्लई व अन्य ने वर्ष 2016 में दायर किया था। जिसमें उच्च वेतनमान का लाभ न दिए जाने को चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने 28 अप्रैल, 2017 को अपने आदेश में कहा था कि राज्य सरकार के पास यह मामला 27 जून, 2015 से लंबित है, इसलिए हाई कोर्ट के कर्मचारियों के वेतनमान से जुड़े इस मुद्दे का चार सप्ताह में निराकृत किया जाए। इस आदेश का पालन न होने पर यह अवमानना याचिका वर्ष 2018 में दायर की गई। 16 जनवरी 2025 को सरकार की ओर से समय की राहत चाहते हुए कहा गया था कि पूरी प्रकिया के बाद मामला कैबिनेट से होते हुए राज्यपाल तक पहुंचा है।


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