

अनूपपुर
शांत माने जाने वाले अनूपपुर जिले के जैतहरी विकासखंड के ग्राम मेडियारास में एक शासकीय स्कूल की ज़मीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जो पिछले 50 वर्षों से संचालित है, उसकी भूमि पर वक्फ बोर्ड ने दावा ठोक दिया है।
इस दावे के आधार पर ग्राम पंचायत सचिव अजय पटेल ने विद्यालय में हो रहे बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य पर रोक लगा दी, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई है।
एडवोकेट भूपेन्द्र सिंह सेंगर ने इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करते हुए कलेक्टर हर्षल पंचोली को पत्र लिखकर तत्काल जांच और बाउंड्री निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराने की मांग की है।
क्या है जमीन का मामला?
एडवोकेट सेंगर द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, ग्राम मेडियारास की खसरा संख्या 839/1 (0.636 हे.), 840 (0.837 हे.) और 845/1/2 (0.040 हे.) भूमि मध्यप्रदेश शासन की आराजी है, जिस पर पिछले पाँच दशकों से शासकीय विद्यालय निर्मित है और संचालनरत है।
गौर करने वाली बात यह है कि इसी विद्यालय के पूर्व छात्र रह चुके ग्राम पंचायत सचिव अजय पटेल को इसकी जानकारी होने के बावजूद उन्होंने वक्फ बोर्ड की भूमि बताकर कार्य रुकवा दिया।
ग्राम में फैल सकता है विवाद
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस भूमि विवाद के पीछे कांग्रेस सेवा दल के एक पदाधिकारी की भूमिका बताई जा रही है, जो वक्फ बोर्ड के दावे को हवा दे रहा है। इससे गांव में साम्प्रदायिक तनाव या सामाजिक विभाजन की स्थिति बन सकती है।
एडवोकेट की चेतावनी
“विद्यालय की सुरक्षा दीवार रुकवाना न केवल छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है, बल्कि यह प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है।” मांगें क्या हैं?
कलेक्टर स्तर पर तत्काल जांच।
बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य बहाल किया जाए।
ग्राम सचिव की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो।
भूमि के स्वामित्व की स्पष्टता सार्वजनिक की जाए।
सम्पूर्ण घटना प्रशासनिक उदासीनता, राजनीतिक हस्तक्षेप और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी भावनाओं के त्रिकोण में फंसी नज़र आ रही है।
क्या एक सरकारी स्कूल की ज़मीन भी अब विवादों से अछूती नहीं रही?



Leave a Reply