
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले छह लोग गिरफ्तार, महिला यूट्यूबर और सेना से जुड़े युवक पर देशद्रोह के गंभीर आरोप
राष्ट्र की सुरक्षा कोई समझौता नहीं जानती। भारत की सीमाएं जितनी मजबूत हैं, उतनी ही कड़ी निगरानी देश के भीतर छिपे उन गद्दारों पर भी रखी जाती है जो दुश्मन की भाषा बोलते हैं। दो ऐसे ही मामले सामने आए हैं जिन्होंने देश को झकझोर कर रख दिया है—एक यूट्यूबर महिला, दूसरी सेना से जुड़े एक युवक की पाकिस्तान से सांठगांठ का खुलासा हुआ है।
भारत की खुफिया एजेंसियों ने हाल ही में दो अलग-अलग ऑपरेशनों में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों ही भारत के भीतर रहते हुए संवेदनशील जानकारियां दुश्मन देश को भेज रहे थे, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़ा खतरा उत्पन्न हुआ।
यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी
ज्योति मल्होत्रा, एक लोकप्रिय यूट्यूबर, को भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
खुफिया सूत्रों के अनुसार, वह 2023 में कमीशन के ज़रिए पाकिस्तान गई थीं।
पाकिस्तान में उसकी नजदीकी पाक उच्चायोग (High Commission) के एक कर्मचारी दानिश से हो गई थी।
लौटने के बाद भी ज्योति ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों से संपर्क बनाए रखा और कथित तौर पर संवेदनशील राष्ट्रीय जानकारियां साझा कीं।
हरियाणा का युवक देवेंद्र सिंह, ISI से सीधा संपर्क
हरियाणा का 25 वर्षीय देवेंद्र सिंह भी ISI से संपर्क में पाया गया है।
प्रारंभिक पूछताछ में उसने “ऑपरेशन सिंदूर” से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान को देने की बात स्वीकार की है।
वह भारत-पाक तनाव के समय महत्वपूर्ण सूचनाएं लीक करता था।
सूत्रों के अनुसार, उसे ISI ने सोशल मीडिया या कथित रूप से नकद भुगतान के ज़रिए हनीट्रैप में फंसाया था।
ऑपरेशन सिंदूर, एक गोपनीय सैन्य पहल है, जिससे जुड़ी कोई भी जानकारी लीक होना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।
यह समय है कि देश का हर नागरिक सतर्क और जागरूक रहे। दुश्मन केवल सीमाओं पर नहीं है, वह हमारे बीच डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर, संबंधों के नकाब में और पैसों के प्रलोभनों में भी छिपा बैठा है। देश की सुरक्षा केवल सैनिकों का कर्तव्य नहीं, हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।
भारत एक महान राष्ट्र है, लेकिन इसकी गरिमा बनाए रखने के लिए आंतरिक गद्दारी के हर बीज को उखाड़ फेंकना जरूरी है। चाहे वो यूट्यूबर के कैमरे के पीछे हो या किसी जवान के वर्दी के भीतर—देशहित सर्वोपरि है, राष्ट्रद्रोह क्षम्य नहीं।
स्रोत news 24


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