

अनूपपुर, जनसाधारण की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और राजस्व न्यायालयों की गरिमा बनाए रखना सभी राजस्व अधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसी संकल्पना को केंद्र में रखते हुए, कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में आयोजित राजस्व विभागीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।
राजस्व प्रकरणों का त्वरित और पारदर्शी निपटारा अनिवार्य
कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने सभी तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों को निर्देशित किया कि नामांतरण, बंटवारा, नक्शा सुधार, सीमांकन, अभिलेख दुरुस्ती और फार्मर रजिस्ट्री जैसे लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निपटारा किया जाए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सभी कार्य समय-सीमा में और ईमानदारी से पूरे किए जाएं, ताकि जनता को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।
तकनीकी सुधार और डिजिटल ट्रैकिंग का आदेश
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व संबंधी सभी कार्य ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किए जाएं, जिससे न केवल प्रक्रियाओं की निगरानी सुगम होगी, बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। ऑफलाइन कार्यों पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा।
साप्ताहिक समीक्षा बैठक और आकस्मिक निरीक्षण
हर शनिवार को अनुभाग स्तरीय राजस्व समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए, जिसमें लंबित प्रकरणों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही, कलेक्टर ने आगाह किया कि वे किसी भी समय राजस्व न्यायालयों और पटवारी हल्कों का आकस्मिक निरीक्षण कर सकते हैं।
लैपटॉप उपलब्धता और डिजिटल दक्षता की अनिवार्यता
राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों की डिजिटल दक्षता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर ने आगामी बैठकों में लैपटॉप सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए। यह कदम डिजिटल रूपांतरण को गति देने के साथ-साथ प्रक्रिया की गति को तेज करेगा।


आरसीएमएस पोर्टल और पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन
अपर कलेक्टर श्री दिलीप कुमार पांडेय ने आरसीएमएस पोर्टल के माध्यम से राजस्व प्रकरणों के निपटारे की प्रक्रिया पर पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन दिया। बैठक में पटवारियों से उनकी जिम्मेदारियों को लेकर प्रत्यक्ष संवाद किया गया, जिससे स्पष्ट हुआ कि कई मामलों में जवाब संतोषजनक नहीं था। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यों में शीघ्र सुधार के निर्देश दिए।
जनता की समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता
कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को प्रभावी, पारदर्शी और न्यायसंगत बनाया जाए, ताकि नागरिकों को त्वरित न्याय मिल सके। राजस्व न्यायालयों के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए दस्तावेजों के अद्यतन और फाइलों के व्यवस्थित संचालन पर विशेष जोर दिया गया।
जवाबदेही और निष्पक्षता की नई पहल
कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली की इस समीक्षा बैठक ने न केवल प्रशासनिक दक्षता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रखा, बल्कि जवाबदेही, पारदर्शिता और डिजिटल सुधार की नई लहर भी शुरू की। यदि इस दिशा में अधिकारियों ने गंभीरता दिखाई, तो निश्चित ही जनता की समस्याओं का समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित हो सकेगा।



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