वन स्टॉप सेंटर से मेडिकल कॉलेज पहुंची पीड़ित विक्षिप्त युवती की देखभाल का प्रशासन ने उठाया जिम्मा

भालूमाड़ा। बीते मंगलवार को भालूमाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत मानसिक विक्षिप्त युवती के साथ दुष्कर्म होने व विवाहिता युवती के गर्भवती होने की वायरल पोस्ट के बाद मीडिया में खबर प्रकाशित होने पर जिले के आला अधिकारियों ने मामले पर संज्ञान लिया व पुलिस कप्तान मोतिउर रहमान व कलेक्टर हर्षल पंचोली के निर्देश पर महिला पुलिस व महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी मानसिक विक्षिप्त पीड़ित युवती के घर पहुंचे व परिजनों से युवती को अपने सुपुर्दगी में लेकर वन स्टॉप सेंटर ले गए। उंक्त मामले पर एक तरफ जहां प्रशासन ने खबर वायरल होने के बाद अपनी जागरूकता का परिचय दिए व युवती को संरक्षित कर शहडोल से डॉक्टरों की टीम बुलाकर युवती के मानसिक स्थिति की जानकारी व युवती काऊन्सलिंग व उसके मेडिकल चेकअप की तैयारी की जा रही है। युवती के बयान के बाद ही पुलिस कोई एक्शन लेगी ऐसी जानकारी विभाग से मिली है।
पुलिस के प्रयास से युवती को मिलेगा न्याय?
क्त मामले पर अभी भी कई सवाल मुंह बाएं खड़े है कि क्या वाकई पीड़िता को न्याय मिल पायेगा? क्या वाकई मानसिक विक्षिप्त युवती के साथ कोई वारदात हुई भी है या नही ? या किसी व्यक्ति ने युवती के मानसिक कमजोर होने का नाजायज फायदा उठाकर हैवानियत की हद पार कर दिया? यदि ऐसी कोई भी घटना हुई है तो क्या प्रशासन उसमें एक्शन लेगी? या मामला तूल न पकड़े इसलिए पूरे मामले को रफा दफा कर दिया जाएगा ? बहरहाल अनुपपुर जिले के तेज तर्रार पुलिस कप्तान मोतिउर रहमान व भालूमाड़ा थाना प्रभारी संजय खलको उंक्त मामले के हर पहलुओं की पड़ताल पर लगे हैं फिलहाल युवती को महिला बाल विकास विभाग के संरक्षण में वन स्टॉप सेंटर अनुपपुर में रखा गया है। जहां उसके काउंसलिंग के बाद ही कोई एक्शन लेकर युवती को न्याय दिलाने की बात कही जा रही है।
विक्षिप्त युवती को मिलेगा न्याय बसेगी गृहस्थी या आरोपी जाएगा जेल?
उंक्त मामले पर थाना प्रभारी भालूमाड़ा संजय खलको ने यह बात कही है कि पीड़ित युवती चूंकि बालिग व विवाहित है। वो एक व्यक्ति का बार बार नाम ले रही है जो भालूमाड़ा डबल स्टोरी में रहता है। पीड़िता का कहना है कि वो उसे रखा था। पीड़िता ने किसी और व्यक्ति का नाम नही लिया है । न उसने सामूहिक बतात्कार की बात कही है। कल पहले युवती का स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की टीम द्वारा युवती के मानसिक स्थिति का मेडिकल चेकअप व महिला बाल विभाग के अधिकारियों द्वारा युवती के काउंसलिंग के बाद युवती व परिजनों के बयान के आधार पर कोई मामला पंजीबद्ध होगा। उन्होंने यह बात कही है कि पहले हमारा प्रयास होगा कि विक्षिप्त युवती का समुचित इलाज हो या परिजन उंसकी देखभाल की जिम्मेदारी ले ले। व युवती को न्याय मिले। आगे की कार्यवाही के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा।
इनका कहना है।
पीड़िता विक्षिप्त युवती को पुलिस विभाग व महिला बाल विकास विभाग द्वारा वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रखा गया है। जहाँ उंसकी देखभाल की जा रही है। कल मेडिकल चेकअप व काउंसलिंग के बाद ही कोई कार्यवाही होगी।
मोती उर रहमान
पुलिस अधीक्षक अनुपपुर


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