
लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “यदि सरकार मौजूदा स्वरूप में वक्फ कानून लाती है, तो यह संविधान के अनुच्छेद 25, 26 और 14 का उल्लंघन होगा और इससे देश में सामाजिक अस्थिरता पैदा होगी।”
ओवैसी ने कहा, “इस कानून को पूरी मुस्लिम बिरादरी ने खारिज कर दिया है। यदि यह पारित हुआ, तो कोई भी वक्फ संपत्ति नहीं बचेगी।”
उन्होंने वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा का संकल्प लेते हुए कहा, “एक गर्वित भारतीय मुसलमान होने के नाते, मैं अपनी मस्जिद का एक इंच भी नहीं खोऊंगा। मैं अपनी दरगाह का एक इंच भी नहीं छोड़ूंगा।”
गौरतलब है कि वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजीजू द्वारा लोकसभा में पेश किए जाने के बाद 8 अगस्त, 2024 को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा गया था। विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों को विनियमित और प्रबंधित करने से जुड़े मुद्दों और चुनौतियों का समाधान करना है।
हालांकि, विपक्ष का मानना है कि इस विधेयक के माध्यम से वक्फ बोर्ड की शक्तियों को कम करने और सरकार का नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, जिससे मुस्लिम समुदाय की धार्मिक आजादी पर असर पड़ेगा।
ओवैसी ने यह भी दावा किया कि उनके असहमति नोट के कुछ हिस्सों को बिना उनकी जानकारी के हटा दिया गया, जो कि चौंकाने वाला है।
सरकार का कहना है कि इस विधेयक से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में आधुनिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी, जिससे मुस्लिम समुदाय सशक्त होगा।
विधेयक पर चर्चा के दौरान विभिन्न दलों के बीच मतभेद स्पष्ट रूप से दिखाई दिए, और यह मुद्दा संसद में गर्म चर्चा का विषय बना हुआ है।
आप असदुद्दीन ओवैसी के बयान का वीडियो देख सकते हैं



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