Globe’s most trusted news site

तबादला टर्नाडो  अफसरों की कुर्सी का खेल, नेता पंसदीदा चेहरों को जमाने में जुटे

तबादला टर्नाडो  अफसरों की कुर्सी का खेल, नेता पंसदीदा चेहरों को जमाने में जुटे



जबलपुर।
मध्य प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारियों के तबादलों का मुद्दा सियासी अखाड़ा बन गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के साथ ही प्रशासनिक तबादलों पर लगी रोक हटने जा रही है। खबर है कि इस हफ्ते की पहली लिस्ट में ही कई चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में अफवाहें तेज़ हैं कि नेता अपने पसंदीदा अधिकारियों को जमाने के लिए जोड़-तोड़ में जुटे हुए हैं। वहीं, कुछ अफसरों की वापसी की संभावनाएं भी सुर्खियां बटोर रही हैं।
नेताओं की “तबादला डिप्लोमेसी”
पिछले साल के विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार ने तबादला नीति पर रोक लगा दी थी। तब से केवल मुख्यमंत्री के समन्वय से ही स्थानांतरण हो रहे थे। चुनाव के बाद मंत्री और विधायक बार-बार तबादला नीति लागू करने की मांग कर रहे हैं। माना जा रहा है कि मार्च में इस रोक को सीमित स्तर पर हटाया जा सकता है। हालांकि, मंत्रियों को केवल अपने प्रभार वाले जिलों में तबादला करने का अधिकार मिलेगा।
फील्ड में “अफसरों की नई फौज”
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस बार फील्ड अधिकारियों की नियुक्ति में “परफॉर्मेंस प्लस पॉलिटिक्स” फॉर्मूले का इस्तेमाल करेगी। अधिकारियों का चयन मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान में प्रदर्शन और जनप्रतिनिधियों से तालमेल को आधार मानकर किया जाएगा। दो वर्षों तक टिकाऊ अधिकारियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
“भ्रष्टाचार के खिलाड़ी या जनता के सेवक?”
तबादलों के इस खेल में कई ऐसे अफसरों के नाम चर्चा में हैं जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। वहीं, कुछ राजनीतिक रसूखदार नेताओं के करीबी अधिकारी भी “तबादला बचाने की दौड़” में शामिल हैं। जनता के मन में सवाल उठ रहे हैं कि ये तबादले विकास के लिए हैं या नेताओं की निजी पसंद-नापसंद के लिए? मंत्रालय में भी होगी सर्जरी
सूत्रों का कहना है कि सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के कई अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली जाएंगी। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये तबादले प्रशासनिक सुधार लाएंगे या सिर्फ राजनीतिक समीकरण साधेंगे?
कुर्सी की तड़प नेता, अफसर और जनता के सवाल
राज्य में अफसरों की कुर्सियों का यह खेल एक बार फिर साबित करता है कि तबादला केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक राजनीतिक हथियार है। क्या यह जमावट जनता के हित में होगी, या यह सिर्फ “पसंदीदा चेहरे जमाने का प्रोजेक्ट” बनकर रह जाएगी ।

Tags

Leave a Reply

Ad with us

Contact us : admin@000miles.com

Admin

Kailash Pandey
Anuppur
(M.P.)

Categories

error: Content is protected !!