
यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को लेकर एनजीटी में याचिका:नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की सरकार से शपथ पत्र पेश करने की मांग
जबलपुर। भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के 40 साल पुराने कचरे को मध्य प्रदेश के पीथमपुर स्थित रामकी प्लांट में जलाया जाएगा। इसे लेकर विरोध के स्वर मुखर हो गए हैं। मामले को लेकर पीथमपुर सुलग रहा है। अब इसकी आंच जबलपुर तक पहुंच गई है। जबलपुर के सामाजिक संगठन नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने इस मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में याचिका भी दायर कर दी है।
–डिस्पोजल रिपोर्ट भी सार्वजनिक हो
याचिका में मांग की गई है कि प्रदेश सरकार शपथ पत्र दे कि जहरीले कचरे के निस्तारण से भूमि, जलवायु और जनता के स्वास्थ्य को नुकसान नहीं होगा। लोगों की जानकारी के लिए कचरे की साइंटिफिक डिस्पोजल रिपोर्ट भी समाचार पत्रों में प्रकाशित की जाए।
–शंकाओं का समाधान हो
याचिकाकर्ता पीजी नाजपांडे के वकील प्रभात यादव ने कहा, जिस प्रकार का विरोध हो रहा है और आमजन के मन में जो सवाल उठ रहें हैं, उनका समाधान होना चाहिए। सभी ये जानना चाहते हैं कि जहरीला कचरा निष्पादन नीति 2016 का पालन सरकार द्वारा किया गया या नहीं।
–याचिका में ये पॉइंट शामिल
खतरनाक अपशिष्ट पदार्थ प्रबंधन के लिए वर्ष 2016 में बनाए गए नियमों का पालन हुआ है या नहीं। कचरे के निस्तारण के संबंध में संबंधित विभागों से ली गई रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
आमजन के स्वास्थ्य पर क्या दुष्प्रभाव होंगे।



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