
मध्य प्रदेश के जबलपुर में निर्माणाधीन 800 करोड़ रुपये की लागत वाला फ्लाईओवर उद्घाटन से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे निर्माण गुणवत्ता और संभावित भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना के बाद जांच टीम का गठन किया गया है, और जबलपुर के मुख्य अभियंता को पद से हटा दिया गया है।



स्थानीय कांग्रेस पार्षद दल ने निर्माण में भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया है। उनका कहना है कि निर्माण में नियमों की अनदेखी और भारी भ्रष्टाचार हुआ है।
यह पहली बार नहीं है जब जबलपुर में निर्माणाधीन परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। हाल ही में बरगी के पास बना एक पुल भी चंद वर्षों में ही क्षतिग्रस्त होकर दो टुकड़े हो गया, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब तक जनता आवाज़ नहीं उठाती, तब तक भ्रष्टाचार पर कोई कार्रवाई नहीं होती। शिकायत करने पर भी अक्सर शिकायतकर्ता की पहचान उजागर कर दी जाती है, जिससे उन्हें व्यक्तिगत दुश्मनी और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इस घटना ने प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। जनता उम्मीद कर रही है कि इस बार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।




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