

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं से अवैध वसूली के बड़े मामले का खुलासा हुआ है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मंदिर में वर्षों से जारी अवैध वसूली के इस रैकेट को बेनकाब किया गया। इसमें क्रिस्टल कंपनी के गार्ड राहुल धाकड़, राहुल चौहान और अथर्व भावसार के नाम सामने आए हैं, जो श्रद्धालुओं से नंदीहाल दर्शन के लिए ₹1100 वसूलते थे।
भ्रष्टाचार का खेल वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था पर प्रहार
सूत्रों के अनुसार, यह अवैध वसूली लंबे समय से चल रही थी। श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाकर दर्शन के लिए निर्धारित शुल्क से अतिरिक्त धनराशि वसूल की जा रही थी। जांच में पाया गया कि यह रकम सीधे गार्ड्स और अन्य कर्मचारियों के निजी खातों में जमा की जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इन कर्मचारियों के खातों और संपत्तियों की जांच शुरू कर दी गई है।
कौन-कौन शामिल? पुजारियों की भूमिका पर भी सवाल
मामले में सिर्फ गार्ड्स ही नहीं, बल्कि मंदिर के पुजारियों और अन्य कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह रैकेट कब से सक्रिय था और इसमें कुल कितनी धनराशि जुटाई गई। प्रारंभिक जांच के अनुसार, हर माह लाखों रुपये श्रद्धालुओं से अवैध रूप से वसूल किए जा रहे थे।
सख्त कार्रवाई जेल की हवा खिलाई जाएगी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि, महाकाल मंदिर जैसे पवित्र स्थल पर भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे कोई भी व्यक्ति हो, दोषी पाए जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगीआरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज राहुल धाकड़, राहुल चौहान और अथर्व भावसार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
खातों की जांच आरोपियों के बैंक खातों और संपत्तियों की जांच की जा रही है।मंदिर प्रशासन पर कार्रवाईमंदिर प्रबंधन की जवाबदेही तय करने के लिए भी जांच जारी है।
सुरक्षा एजेंसी पर शिकंजा क्रिस्टल कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जनभावनाओं पर असर धर्म और आस्था के साथ खिलवाड़
महाकाल मंदिर न केवल उज्जैन बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इस प्रकार की घटनाएं जनभावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।सालाना कितनी कमाई?
सूत्रों का दावा है कि यह रैकेट प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये की अवैध कमाई करता था। मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालु नंदीहाल दर्शन के लिए अतिरिक्त भुगतान करने को मजबूर थे। भ्रष्टाचार मुक्त आस्था केंद्र
मध्य प्रदेश सरकार ने यह सुनिश्चित करने की योजना बनाई है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। मंदिर में डिजिटल भुगतान प्रणाली और सीसीटीवी निगरानी को और सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री का संदेश
डॉ. मोहन यादव ने कहा, आस्था के केंद्रों पर भ्रष्टाचार न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि धर्म और जनभावनाओं का अपमान भी है। हमारी सरकार भ्रष्टाचार पर शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है, और दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।




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