
मध्य प्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र सड़क से सदन तक सरकार को घेरने की तैयारी में कांग्रेस
16 दिसंबर से शुरू हो रहा है सत्र, सियासत के गर्म होने के आसार
मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 दिसंबर से शुरू हो रहा है, जिसमें विपक्षी दल कांग्रेस सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार और उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने सरकार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सत्र के दौरान “एक साल का हिसाब” मांगने की घोषणा की है।
कांग्रेस के प्रमुख मुद्दे किसानों की समस्याएं खाद और बीज की किल्लत।
महिला सुरक्षा बढ़ते अपराध और सरकार की नीतियों पर सवाल।
आदिवासियों के अधिकार विकास और योजनाओं की अनदेखी।
बेरोजगारी और महंगाई युवाओं के भविष्य पर संकट।
कांग्रेस का दावा है कि राज्य की भाजपा सरकार इन मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है। उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने 16 दिसंबर को पूरे प्रदेश से जनता के साथ बड़ा प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
सत्तारूढ़ भाजपा, मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में, विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और अपनी उपलब्धियों को उजागर करने की तैयारी कर रही है। भाजपा सरकार ने किसान योजनाओं, महिला सशक्तिकरण, और रोजगार के मुद्दों पर ठोस कदम उठाने का दावा किया है।
यह सत्र न केवल सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस का मंच बनेगा, बल्कि प्रदेश की जनता के लिए आने वाले समय में राजनीतिक दिशा तय करेगा। सड़क से लेकर सदन तक की इस लड़ाई में दोनों पक्ष अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करेंगे।




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