इंदौर।
सोशल मीडिया पर सावधानी का पाठ पढ़ाते-पढ़ाते लोग खुद इतने अनजान कैसे हो जाते हैं? संभ्रांत वर्ग के लोग, जिनमें डॉक्टर, रिटायर्ड अफसर, और बिजनेसमैन शामिल हैं, एक लड़की की प्रोफाइल देखकर ही “नज़रों के तीर” से घायल हो जाते हैं। और फिर क्या? गाड़ी उस रास्ते पर चल पड़ती है, जिसका गड्ढा ही गड्ढा है।
लव एट फर्स्ट क्लिककी शुरुआत
राजस्थान और मेवात के कुख्यात गैंग पहले सोशल मीडिया पर लड़कियों की तस्वीरें लगाकर फर्जी अकाउंट बनाते हैं। “फ्रेंड रिक्वेस्ट” आते ही दोस्ती का सिलसिला शुरू होता है। अगला कदम? अश्लील चैटिंग और वीडियो कॉल, जहां पीड़ित अपनी ही बनाई रचना में फंस जाता है।
कैसे फंसाते हैं ये गैंग?
मोहक प्रोफाइल लड़की की तस्वीर देखकर संभ्रांत वर्ग का दिल “हार्ट-थ्रोब” हो जाता है।
चैटिंग का जाल धीरे-धीरे बातें अश्लील चैटिंग तक पहुंच जाती हैं।
वीडियो कॉल की चाल वीडियो कॉल पर बातों का सिलसिला इतना “गरम” हो जाता है कि पीड़ित खुद को भूल बैठता है।
वीडियो ब्लैकमेलिंग इसी दौरान अपराधी उसका आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लेते हैं। धमकी और उगाही वीडियो वायरल कर देंगे की धमकी देकर लाखों रुपये ऐंठते हैं।
एक डॉक्टर ने कहा, मुझे लगा मैं दोस्ती कर रहा हूं, लेकिन मेरी जेब कट गई।
एक रिटायर्ड अफसर ने यह सोचकर चुप्पी साध ली कि बदनामी से बेहतर है पैसे दे दो।
पुलिस ने पिछले 11 महीनों में 62 शिकायतें दर्ज की हैं और 10 लाख रुपये ठगने से बचाए हैं। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया, लोगों को बार-बार जागरूक किया जाता है, फिर भी ये गिरोह चालाकी से अपना जाल बिछा लेता है।और उस जाल में लोग फंस ही जाते हैं।





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