लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सभी निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने चिकित्सकीय सेवाओं की दर सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें। यह सूची काउंटर पर उपलब्ध होनी चाहिए और मरीज या उनके परिजन के मांगने पर तुरंत दिखानी होगी।
निर्देशों के अनुसार, दर सूची में किसी भी प्रकार का संशोधन होने पर इसकी पूर्व सूचना संबंधित अधिकारी या मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को देना अनिवार्य होगा। निर्धारित दरों से अधिक शुल्क लेना रोगियों के अधिकारों का उल्लंघन माना जाएगा, और ऐसा करने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कड़ा संदेश नियमों का पालन करें या भुगतें परिणाम
यह कदम मरीजों के अधिकारों की रक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। अस्पतालों को अब अपने शुल्क को सार्वजनिक रूप से घोषित करना होगा, जिससे अनावश्यक आर्थिक शोषण पर लगाम लग सके।





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