मुंबई। जब सोशल मीडिया पर 56 लाख फॉलोअर्स वाले बिग बॉस फेम एजाज खान ने महाराष्ट्र की वर्सोवा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, तो उम्मीदें थीं कि उनकी प्रसिद्धि चुनावी जादू बिखेरेगी। लेकिन जब वोट गिने गए, तो केवल 146 मतों के साथ उनका सपना धराशायी हो गया। यह नजारा किसी सोशल मीडिया के रील की तरह लगा, जिसमें अंत तक कुछ भी सही नहीं हो पाता।
सोशल मीडिया से वोट तक का कठिन सफर:
“लाइक्स और वोट का फर्क”
एजाज खान ने शायद यह समझ लिया था कि उनके इंस्टाग्राम के फॉलोअर्स उनके लिए बैलेट बॉक्स तक भी दौड़ेंगे। लेकिन जनता ने उन्हें समझा दिया कि सोशल मीडिया और असली जिंदगी में जमीन-आसमान का फर्क है।
“रील्स से रियलिटी तक की यात्रा“
चुनाव के मैदान में एजाज खान ने यह साबित कर दिया कि केवल इंस्टाग्राम पोस्ट, रील्स और लाखों फॉलोअर्स से जनता का दिल नहीं जीता जा सका
“फॉलोअर्स सिर्फ स्क्रीन पर हैं!”
एजाज खान के फॉलोअर्स भले ही उनकी रील्स पर दिल खोलकर लाइक और कमेंट करते हों, लेकिन मतदान के दिन वे कहीं गायब दिखे।
“राजनीति का अलग समीकरण”
एजाज की प्रसिद्धि राजनीति के जमीनी समीकरणों में फिट नहीं बैठी। जनता ने उनसे यह सवाल किया होगा, “आपने हमारे लिए क्या किया?”डिजिटल नेता, असली वोटर!”
एजाज खान ने इंस्टाग्राम के दिलचस्प फिल्टर तो लगाए होंगे, लेकिन जनता ने उनकी राजनीतिक छवि पर “नो फिल्टर” का बटन दबा दिया।
“सोशल मीडिया स्टार, चुनावी जीरो!”
यह चुनाव एजाज खान के लिए साबित कर गया कि राजनीति के लिए केवल रील्स की लोकप्रियता पर्याप्त नहीं
एजाज खान का यह अनुभव सोशल मीडिया और राजनीति के बीच के अंतर को उजागर करता है। इंस्टाग्राम पर भले ही लाखों फॉलोअर्स हों, लेकिन चुनावी मैदान में जनता के दिल जीतने के लिए मेहनत और सेवा चाहिए। “लाइक और वोट में फर्क: सोशल मीडिया स्टार का चुनावी सबक”

Tags
Ad with us

Contact us : admin@000miles.com
Admin
Kailash Pandey
Anuppur (M.P.)

Leave a Reply