
-अतिरिक्त अंक न दिए जाने को चुनौती का मामला
जबलपुर। हाई कोर्ट ने ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थ डाक्टरों को अतिरिक्त अंक न दिए जाने के मामले में जवाब-तलब कर लिया है। इस सिलसिले में राज्य शासन सहित अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को निर्धारित की गई है।
न्यायमूर्ति एसए धर्माधिकारी व न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ के याचिकाकर्ता रीवा, सिरमौर निवासी डा. सुमित कुशवाहा सहित अन्य की ओर से पक्ष रखा गया। दलील दी गई कि पीजी कोर्स में प्रवेश के लिए उन सेवारत उम्मीदवारों को 20 से 30 प्रतिशत अतिरिक्त अंक दिए जाते हैं, जो दो से तीन साल तक गांव में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। गांव में मेडिकल आफिसर के पद तीन साल पूरे हो चुके हैं, उसके बाद भी 30 प्रतिशत अतिरिक्त अंक का लाभ नहीं दिया जा रहा है, जो अवैधानिक है। नीट परीक्षा के रिजल्ट 23 अगस्त, 2024 को आ गया। इसके बाद भी अभी तक कट आफ डेट तय नहीं की गई कि किस तिथि से उम्मीदवारों द्वारा दी गई सेवाओं की गणना की जायेगी। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने मामले में शासकीय अधिवक्ता को शासन का पक्ष रखने के निर्देश दिए।




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