
अनूपपुर जिले के जैतहरी आईटीआई में फर्जी अंकसूची के जरिए प्रवेश लेने का मामला सामने आया है। यह प्रकरण कई वर्षों से जांच के अधीन था। इसमें शामिल आरोपी फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर आईटीआई की विभिन्न ट्रेडों में दाखिला प्राप्त करते थे। मामला 2017 में शुरू हुआ, जब फर्जी अंकसूची के आधार पर दाखिला लेने की शिकायतें दर्ज की गईं। इसमें जैतहरी और अन्य आईटीआई संस्थानों के भी तार जुड़े होने की संभावना जताई गई।
मामले में कई आरोपी शामिल हैं, जिनमें से कुछ ने फर्जी अंकसूची के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने का प्रयास किया।
आरोपियों पर IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 468 (फर्जी दस्तावेज तैयार करना), 471 (फर्जी दस्तावेज का उपयोग) और 467 (महत्वपूर्ण दस्तावेजों में जालसाजी) के तहत मामला दर्ज किया गया था
आरोपियों को दोषी पाए जाने पर न्यायालय ने सजा सुनाई, कारावास की सजा सुनाई गई है






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