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सादी वर्दी में रामकथा सुनकर पुलिस ने दबोचा चेन स्नेचिंग गिरोह, 13 महिलाएं गिरफ्तार

सादी वर्दी में रामकथा सुनकर पुलिस ने दबोचा चेन स्नेचिंग गिरोह, 13 महिलाएं गिरफ्तार




रामकथा में धार्मिकता के आवरण तले अपराध का पर्दाफाश

शहडोल जिले के पॉलिटेक्निक ग्राउंड में प्रसिद्ध कथा वाचक राजन महाराज द्वारा आयोजित रामकथा (10 से 18 नवंबर) एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन थी, लेकिन इसी दौरान एक बड़ा चेन स्नेचिंग गिरोह भी सक्रिय हो गया। यह गिरोह धार्मिक आयोजनों की भीड़ में घुलमिलकर चोरी की वारदातें अंजाम देता था।

धार्मिक आयोजन में अपराध की आड़

धार्मिक आयोजनों में भारी भीड़ और श्रद्धालुओं का ध्यान कथा में होने का फायदा उठाकर यह गिरोह चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देता। पुलिस को कथा के दौरान शिकायतें मिलीं कि श्रद्धालुओं की सोने की चेन चोरी हो रही हैं।

कोतवाली थाना प्रभारी राघवेंद्र तिवारी ने बताया कि शिकायतें मिलने पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सिविल ड्रेस में रामकथा में भाग लिया। यह कदम न केवल पुलिस की सतर्कता दिखाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अपराधी धार्मिक आयोजनों को भी अपने लाभ का जरिया बना रहे हैं।

पुलिस की सूझबूझ और सफलता

सिविल ड्रेस में पुलिस ने रामकथा के दौरान संदिग्धों पर नजर रखी। इसके बाद संदिग्ध गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। गिरोह के पास से चोरी की 10 तोला सोने की चेन बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख रुपये है। गिरोह में कुल 13 महिलाएं शामिल थीं, जो अपने शातिर ढंग से भीड़ का फायदा उठाकर वारदातें करती थीं।

धार्मिक आयोजनों को निशाना बनाना गिरोह की रणनीति

पुलिस जांच में पता चला कि यह गिरोह विशेष रूप से बड़े धार्मिक आयोजनों को निशाना बनाता था। कथा या अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच चोरी करना इनके लिए आसान हो जाता था। गिरोह के सदस्य आयोजन स्थल से कुछ दूरी पर रहकर योजनाबद्ध तरीके से चोरी की घटनाओं को अंजाम देते।

महिलाओं की भूमिका

गिरफ्तार गिरोह में महिलाओं की भूमिका अहम थी। धार्मिक आयोजनों में शामिल महिलाएं आसानी से भीड़ का हिस्सा बन जाती थीं, जिससे उन पर शक करना मुश्किल हो जाता। यह गिरोह अक्सर दूर-दराज के इलाकों से आता था और कुछ समय तक चोरी करने के बाद दूसरी जगह चला जाता था।

रामकथा, धर्म और चोरी का त्रिकोण

यह घटना धर्म और अपराध के अजीब मिश्रण को उजागर करती है। रामकथा, जो सत्य, धर्म और न्याय का प्रतीक है, के दौरान ऐसे अपराधों का होना समाज के नैतिक पतन को दर्शाता है।

पुलिस की कार्रवाई की प्रशंसा

इस मामले में पुलिस की त्वरित और कुशल कार्रवाई की प्रशंसा हो रही है। सिविल ड्रेस में काम करते हुए गिरोह का भंडाफोड़ करना पुलिस के कार्यशैली की सराहनीय मिसाल है।


धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। ऐसी घटनाएं इस ओर भी इशारा करती हैं कि धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होना चाहिए। चोरी के अपराधियों का धार्मिक आयोजनों का उपयोग करना हमारे समाज के मूल्यों पर सवाल उठाता है।

रामकथा जैसे आयोजनों के दौरान अपराधियों का सक्रिय होना दिखाता है कि धर्म और नैतिकता के नाम पर भी सतर्कता जरूरी है।

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