
झांसी के मेडिकल कॉलेज में हाल ही में हुए अग्निकांड में मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ऑक्सीजन सिलेंडर के पाइप में माचिस की तीली लगाने से आग लगने का मामला सामने आया है। इस हादसे में वार्ड में भर्ती कई नवजात शिशुओं की मौत हो गई, जिनमें एक दिन से लेकर दस माह तक के बच्चे शामिल थे। इस हादसे के कारण अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आग बुझाने वाले सिलेंडरों की एक्सपायरी डेट भी सामने आई, जो इस घटना में प्रमुख कारण मानी जा रही है।
आग लगने के बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने त्वरित प्रतिक्रिया नहीं दी, और कुछ रिपोर्टों के अनुसार, स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए तत्काल कोई योजना नहीं थी, जिससे स्थिति और विकट हो गई। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने अस्पताल की लापरवाही की जांच का आदेश दिया है, और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाई है।
यह हादसा अस्पताल की सुरक्षा और देखभाल की व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, और इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी व्यापक प्रतिक्रिया हो रही है, जहां लोग न्याय की मांग कर रहे हैं।



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