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प्रश्न पत्र सेट करने से इंकार करने वाले प्रोफेसरों पर गिरेगी गाज

प्रश्न पत्र सेट करने से इंकार करने वाले प्रोफेसरों पर गिरेगी गाज

उच्च शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर विवि को दिए विशेष अधिकार,विभाग ने असहयोग करने वालों की लिस्ट की तलब, प्रोफेसरों में मचा हड़कंप

जबलपुर। परीक्षा और रिजल्ट का ढर्रा पटरी पर लाने उच्च शिक्षा विभाग नई व्यवस्था बना रहा है। जिसमें विश्वविद्यालयों को विशेष अधिकार दिए गए हैं। अब प्रश्न पत्र नहीं बनाने वाले सरकारी कॉलेजों के शिक्षकों पर सीधे कार्रवाई की जाएगी। यहां तक कि मूल्यांकन कार्य में भी शिक्षकों को सहयोग करना होगा। ऐसा नहीं करने वाले शिक्षकों को डी-बार किया जा सकता है। वैसे विभाग ने प्रत्येक विश्वविद्यालय से सहयोग नहीं करने वाले शिक्षकों की सूची मांगी है। नवंबर अंतिम सप्ताह तक शिक्षकों के नाम भेजना होंगे। अधिकारियों ने समय पर रिजल्ट घोषित करने के बारे में कहा है।
-प्रत्येक विषय का पैनल तैयार करेंगे हाल ही उच्च शिक्षा विभाग आयुक्त ने राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों और परीक्षा विभाग के अधिकारियों को बुलाया था। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने वर्तमान सत्र की परीक्षाएं एकेडमी कैलेंडर के हिसाब से करवाने के निर्देश दिए हंै। विवि के अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक विषय के लिए विशेषज्ञों की पैनल बनाएंगे, जो प्रश्न पत्र तैयार करेंगे। इसके लिए सरकारी और निजी कॉलेजों में पदस्थ शिक्षकों की मदद लेंगे। इसके लिए नवंबर से प्रक्रिया शुरू होगी।

  • डी-बार करने की कार्रवाई की जाएगी
    खासबात यह है कि पैनल के सदस्यों को प्रश्न पत्र बनाना होंगे। इनमें से कोई भी शिक्षक प्रश्न पत्र तैयार करने में सहयोग नहीं करता है तो तुरंत विश्वविद्यालय ने डी-बार करने का फैसला लिया है। वहीं शिक्षकों के नाम भी उच्च शिक्षा विभाग को भेजे जाएंगे। 10 फीसद सरकारी कॉलेज के शिक्षक हर साल विश्वविद्यालय ने यूजी-पीजी पाठ्यक्रम की परीक्षाएं करवाते हैं।
  • कापियां जांचने में हीला-हवाली
    विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिका जांचने वाले मूल्यांकनकर्ताओं में सरकारी कॉलेजों में पढ़ाने वाले महज 10 फीसद शिक्षक हंै। ये भी अतिथि विद्वान है। नियमित शिक्षक इन दिनों कापियां जांचने से दूरी बनाए हुए है। कई बार विश्वविद्यालय ने शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य के लिए बुलवाया है। अधिकांश ने कुछ न कुछ बहाना बनकर अपना पल्ला झाड़ लिया जबकि नियमानुसार सरकारी कॉलेज को शिक्षकों के नियुक्त पत्र में कॉपी जांंचने का नियम भी है। तय किया गया है कि उच्च शिक्षा विभाग के एकेडमी कैलेंडर के हिसाब से परीक्षा करवाई जाएगी। वार्षिक-सेमेस्टर परीक्षाओं का शेड्यूल दिसंबर तक बनाएंगे। उसके आधार पर परीक्षा होगी। साथ ही मूल्यांकन जल्द करवाकर समय पर रिजल्ट घोषित करेंगे।
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