विधायक भी मौके पर पहुंचे,समझाइश के बाद अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए ग्रामीण,डीएसपी करेंगे मामले की जांच
जबलपुर। युवक की चाकू मारकर हत्या के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों ने पनागर थाने में शव रखकर हंगामा कर दिया। मामले में एसपी सम्पत उपाध्याय ने 2 सब इंस्पेक्टर को लाइन अटैच किया है। जानकारी मिलते ही पनागर विधायक भी थाने पहुंच गए। उनकी समझाइश के बाद ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए हैं।
–पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
एक नवंबर को पटरा उमरिया के संतोष दुबे (30) को 3 लोगों ने चाकू मारकर घायल कर दिया था। परिजन उसे पनागर थाने लेकर पहुंचे। जहां पुलिस ने 2 घंटे तक थाने के बाहर बैठाए रखा। परिजन जैसे-तैसे बिना रिपोर्ट दर्ज करवाए पनागर स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां यह कहकर थाने भेज दिया गया कि यह पुलिस केस है।
चार घंटे तक परिजन घायल को लेकर भटकते रहे। इसके बाद पुलिस घायल को लेकर जिला अस्पताल पहुंची, जहां चार दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद संतोष ने दम तोड़ दिया।

–धक्का लगने के बाद हुआ था विवाद
ग्राम पटरा उमरिया में रहने वाले संतोष दुबे (30) किसी काम से गांव से पनागर आ रहा था, उसी दौरान उमरिया गांव में रहने वाला सौरभ पटेल का उसे धक्का लग गया। इसके बाद दोनों का विवाद होने लगा। पास में ही सौरभ के दो दोस्त अमन यादव और रोहित पांडे खड़े हुए थे। जैसे ही दोनों के बीच हाथापाई शुरू हुई तो अमन और रोहित ने संतोष के हाथ पकड़े और फिर सौरभ ने चाकू से ताबड़तोड़ कमर और पीठ में हमला कर दिया। तीनों आरोपी खून से लथपथ हाल में घायल को मौके पर छोड़कर फरार हो गए। घटना के करीब 20 मिनट के बाद कुछ ग्रामीणों की नजर संतोष पर पड़ी, जिसके परिजनों को सूचना देने के बाद उसे पनागर थाने ले जाया गया। थाने में पदस्थ दो एसआई लाइन अटैच
इधर, पनागर थाने में ग्रामीणों के हंगामा को देखते हुए एसपी ने थाने में पदस्थ दो एसआई को लाइन अटैच कर दिया।
–इन्होंने की बेवजह देर
परिजनों का कहना है कि एसआई संतोष ठाकुर और मयंक यादव थाने में थे, उन्होंने एफआईआर दर्ज करने की वजह दो घंटे तक थाने के बाहर बैठाकर रखा, जिसके चलते उसकी हालत बिगड़ गई। जिला अस्पताल में भर्ती संतोष की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई।
थाना घेराव की जानकारी मिलते ही विधायक सुशील तिवारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया।
— कार्रवाई के बाद करेंगे अंतिम संस्कार नहीं
युवक की मौत से नाराज ग्रामीण शव लेकर पनागर थाना पहुंचे और दोषी डॉक्टर और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग। परिजनों का कहना था कि जब तक दोषी दोनों एसआई पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों के हंगामे की जानकारी मिलते ही डीएसपी आकांक्षा उपाध्याय सहित अन्य थाने से भी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। विधायक का कहना था कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन ज्यादा देर तक शव को थाने में रखना ठीक नहीं । विधायक की समझाइश के बाद नाराज ग्रामीण मान गए और शव लेकर गांव के लिए रवाना हुए। एसपी सम्पत उपाध्याय ने बताया कि संतोष को घायल हालत में इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि दोनों एसआई ने धाराएं भी घटना को लेकर सही नहीं लगाई थी, जिसके चलते दोनों को लाइन अटैच कर दिया गया है। पूरे घटनाक्रम की जांच डीएसपी ग्रामीण को सौंपी गई है।




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