
जबलपुर। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश भर में मौसम का मिजाज झंझावाती हो गया है और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने के साथ ही सतर्क रहने की जरूरत है। प्रेरित चक्रवात और दक्षिणी मध्य प्रदेश से लेकर बिहार तक सक्रिय द्रोणी के कारण मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इसके प्रभाव के चलते शाम के समय तेज हवाएं चलने और तापमान में गिरावट आने की पूरी संभावना है। पिछले गुरुवार को भी मौसम में कुछ इसी तरह का बदलाव हुआ था जिसके कारण बरगी डैम में क्रूज डूबने जैसी बड़ी दुर्घटना हो गई थी।
चक्रवात और द्रोणी का असर
वर्तमान में दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ ही एक द्रोणी मध्य प्रदेश से विदर्भ और कर्नाटक होते हुए मन्नार की खाड़ी तक जा रही है। इस मौसमी तंत्र के कारण बंगाल की खाड़ी से भारी मात्रा में नमी आ रही है और प्रदेश के पूर्वी व पश्चिमी इलाकों में लगातार हलचल बनी हुई है। पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से भी बारिश और ओलावृष्टि की खबरें सामने आ रही हैं जिसका असर मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों पर भी पड़ रहा है।
इन 28 जिलों में रहेगा मौसम का प्रभाव
मौसम विभाग के अनुसार 28 जिलों में कई स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। जिन जिलों में इसका असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा उनमें ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढ़ुर्णा शामिल हैं। इन सभी जिलों के निवासियों को शाम के समय खुले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जाती है। मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
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