किरायेदारी के नाम पर 90 लाख का गबन, तीन लोगों पर गंभीर आरोप

जबलपुर । चरगवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत दुल्हनखेड़ा में एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। यहां एक महिला के साथ वेयरहाउस किराए पर लेने के नाम पर लाखों रुपये का छल किया गया है। पीड़िता भावना दीक्षित ने आरोप लगाया है कि किराएदारों ने उनके साथ सोची-समझी साजिश के तहत फर्जीवाड़ा किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में मीना जैन, मनोज जैन और दीपेश जैन के नाम सामने आए हैं।

​किराए का अनुबंध और भारी धोखाधड़ी

​पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने दुल्हनखेड़ा स्थित उनके वेयरहाउस को किराए पर लिया था। दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के तहत हर महीने 1 लाख 50 हजार रुपये का किराया तय किया गया था। किराएदारों ने शुरुआत में मालिक को भरोसा दिलाया था कि वे नियमित रूप से भुगतान करेंगे। इस भरोसे को पुख्ता करने के लिए आरोपियों ने सुरक्षा और अग्रिम किराए के तौर पर 90 लाख रुपये के चेक दिए थे। वेयरहाउस मालिक ने इन चेकों को गारंटी मानकर अपनी संपत्ति उन्हें सौंप दी।

​बैंक में चेक बाउंस और आरोपियों का रवैया

​जब तय समय सीमा के भीतर वेयरहाउस मालिक ने 90 लाख रुपये के इन चेकों को बैंक में जमा किया, तो वे सभी एक-एक कर बाउंस हो गए। बैंक से भुगतान न होने की सूचना मिलते ही पीड़िता ने तुरंत किराएदारों मीना जैन, मनोज जैन और दीपेश जैन से संपर्क किया। उस समय आरोपियों ने जल्द ही पूरी राशि का भुगतान करने का आश्वासन दिया था। हालांकि काफी समय बीत जाने के बाद भी आज तक पीड़िता को एक रुपया भी नहीं दिया गया है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी अब जानबूझकर भुगतान करने से बच रहे हैं।

​पुलिस और प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली

​धोखाधड़ी का शिकार होने के बाद पीड़िता ने संबंधित बैंक अधिकारियों और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत दी है। शिकायत के साथ सभी जरूरी दस्तावेज और चेक बाउंस होने के प्रमाण भी सौंपे गए हैं। इसके बावजूद अब तक इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। भावना दीक्षित का आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में कुछ बैंक अधिकारी और पुलिसकर्मी भी आरोपियों को संरक्षण देने का प्रयास कर रहे हैं। इस ढुलमुल रवैये के कारण पीड़िता को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक प्रताड़ना का भी सामना करना पड़ रहा है।

​कानूनी विशेषज्ञों की राय

​कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई व्यक्ति भुगतान की मंशा के बिना जानबूझकर चेक जारी करता है, तो यह मामला चेक बाउंस की धारा के साथ-साथ धोखाधड़ी की श्रेणी में भी आता है। ऐसे मामलों में दस्तावेजों के आधार पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। पीड़िता ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि वेयरहाउस से होने वाली आय उनके परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण थी। न्याय न मिलने की स्थिति में उन्होंने उच्च स्तर पर शिकायत करने की चेतावनी दी है।

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